Uttar Pradesh: जालसाजों ने रुपये लेकर बनाए फर्जी पत्रकार, मुजफ्फरनगर में पकड़े गए चार पत्रकार

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सुशील चंद्र उत्तर प्रदेश । लॉक डाउन में मीडिया कर्मियों पर कोई रोक टोक न होने का फायदा एक जालसाज गैंग ने उठाया ।गैंग ने लोगों से रुपए ऐंठकर फर्जी पत्रकारों की फौज खड़ी कर दी।सूत्रों के द्वारा ज्ञात हुआ है कि ये फर्जी गैंग देश की राजधानी दिल्ली से संचालित किया जा रहा था जिसने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हजारों लोगों से 2100-2100 रुपए लेकर समाचार पत्रों के फर्जी पत्रकार बना दिये।

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फर्जी पत्रकारों का एक मामला आज मुजफ्फरनगर में पकड़ में आया है जिसमें मुजफ्फरनगर के एस. एस. पी. अभिषेक यादव ने आज चार फर्जी पत्रकारों को पकड़ा।इनमें से एक कथित पत्रकार सलमान पुत्र मोहम्मद मुन्ना निवासी किदवईनगर,मुजफ्फरनगर को दिल्ली क्राइम एंड भ्रष्टाचार विरोधी मोर्चा के फर्जी प्रेस कार्ड के साथ गिरफ्तार किया गया है।कथित पत्रकार कक्षा 3 पास है और कबाड़े का काम करता है।उक्त पत्रकार क्षेत्र के लोगों पर पत्रकारिता का रौब गाँठ कर अपने आप को पत्रकार बताकर लॉक डाउन का उल्लंघन कर रहा था,जिसे थाना सिविल लाइन की पुलिस टीम के द्वारा गिरफ्तार किया गया।

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पूछताछ पर उसने बताया कि प्रेस कार्ड उसे सतेंद्र सैनी पुत्र धीरसिंह निवासी गाँधी नगर थाना नई मंडी व कल्लन पुत्र तुग़ल निवासी खेड़ा पट्टी सुजड्ड मुजफ्फरनगर द्वारा 2100 रुपए लेकर दिया गया था।कथित पत्रकार को छुड़ाने सतेंद्र सैनी अपने 3 अन्य साथियों के साथ पहुँचा इनके भी प्रेस कार्ड चेक किये जाने पर फर्जी पाए जाने पर इन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया।

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गिरफ्तार फर्जी पत्रकारों ने बताया कि इनका संपादक दिल्ली का प्रेमनगर निवासी प्रेमनारायण है जिसके द्वारा कम पढ़े लिखे लोगों से 2100-2100 रुपये ऐंठकर फर्जी प्रेस कार्ड बनाकर दिए गए हैं।फर्जी बनाये गए प्रेस कार्डों की संख्या 4000 के लगभग बताई गई है।शातिरों द्वारा बताए गए संपादक को भी बांछित किया गया है।पकड़े गए शातिरों के विरुद्ध 420/269/270 भादवि व 51 आपदा प्रबंधन अधिनियम और धारा 3 महामारी दंड अधिनियम के अंतर्गत थाना सिविल लाइन में अभियोग पंजीकृत किया गया है।

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