संवाददाता रिषीपाल सिंह
भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के पावन अवसर पर जनपद इटावा के ग्राम मसूद में पांच दिवसीय बौद्ध एवं भीम गाथा कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन संजय गौतम (मास्टर जी) द्वारा किया गया, जिसमें बलबीर सिंह जाटव (प्रदेश सचिव, आजाद समाज पार्टी कांशीराम) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ आज मुख्य अतिथि बलबीर सिंह जाटव द्वारा फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में गौतम बुद्ध के विचारों को याद करते हुए कहा कि बुद्ध ने विश्व को शांति, करुणा, समता और वैज्ञानिक सोच का मार्ग दिखाया। उनका धम्म अंधविश्वास और पाखंड के विरुद्ध एक जागरूक क्रांति है, जो मनुष्य को सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने आगे कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने बुद्ध के विचारों को अपनाकर समाज के वंचित वर्गों को सम्मान और अधिकार दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। भारतीय संविधान के माध्यम से उन्होंने सभी नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार प्रदान किया, जो लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।
अपने भाषण में उन्होंने शिक्षा, संगठन और संघर्ष की नीति को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि समाज को पाखंडवाद से दूर रहकर वैज्ञानिक सोच और जागरूकता के साथ आगे बढ़ना चाहिए। साथ ही उन्होंने मतदान के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि वोट हमारा सबसे बड़ा अधिकार है, जिसके माध्यम से हम अपनी आवाज को मजबूत बना सकते हैं और अपने अधिकारों की रक्षा कर सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अनुशासन बनाए रखने, आपसी भाईचारे को सुदृढ़ करने तथा बौद्ध एवं भीम गाथा कार्यक्रम को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर शिवम कठेरिया, चट्टान सिंह जाटव, धर्मवीर दिवाकर, हरिश्चंद्र गौतम, गौरव, राजकुमार, सर्वेश जाटव, संजय कठेरिया, महेश जाटव एवं सुधीर गौतम सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे। सभी ने बाबा साहब के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।