ब्यूरो संवाददाता
इटावा। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति (ABSS) के तत्वावधान में सोमवार को विभिन्न सामाजिक एवं आरक्षण संबंधी मुद्दों को लेकर महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 10 सूत्रीय मांगपत्र जनपद के नोडल अधिकारी को सौंपा गया।

ज्ञापन में पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने, मेडिकल कॉलेजों में पूर्व व्यवस्था के अनुसार आरक्षण लागू रखने, प्रदेश एवं देश की भर्तियों में उच्च मेरिट प्राप्त अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अभ्यर्थियों को अनारक्षित (सामान्य) वर्ग में समायोजित करने तथा प्राचार्य, कुलपति (VC), निदेशक जैसे उच्च पदों पर प्रदेश को एक कैडर मानकर आरक्षण लागू करने की मांग की गई। इसके साथ ही आबादी के अनुपात में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मजबूत रिजर्वेशन एक्ट बनाने की भी मांग उठाई गई।
समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एम.पी. सिंह ने कहा कि सामाजिक न्याय की अवधारणा के तहत प्रदेश के कन्नौज, जालौन, सहारनपुर एवं अंबेडकर नगर मेडिकल कॉलेज स्पेशल कंपोनेंट प्लान की राशि से स्थापित किए गए थे। उनका दावा है कि तत्कालीन बसपा सरकार ने इन संस्थानों में 70 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया था, जिसे लेकर वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय में मामला लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के अधिकारों का हनन कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि लोक सेवा आयोग एवं अन्य विभागों की भर्तियों में उच्च मेरिट प्राप्त SC, ST एवं OBC अभ्यर्थियों को अनारक्षित वर्ग में समायोजित न किए जाने से आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हो रहा है। इसके अलावा पेपर लीक की घटनाओं को युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया गया।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित विचार गोष्ठी में बुद्ध विहार के विहाराधीश प्रेम सिंह अंबेडकर, डॉ. बलवीर सिंह, प्रवीण कुमार सिंह, धर्मेंद्र कुमार, शिवराम सिंह, रामनरेश आजाद, पूरन सिंह, टीपू अंबेडकर, जयवीर सिंह, अजय यादव, विनय चौधरी, कैलाश नारायण बौद्ध, राजेश आर्या सहित बड़ी संख्या में समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।