Bihar News :बेतिया में आवारा कुत्तों के बाद पालतू कुत्तों से परेशान नगरवासी, नगर निगम की व्यवस्था पर उठे सवाल

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संवाददाता मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चंपारण।

नगरवासियों को आवारा कुत्तों से निजात नहीं मिल सकी है, वहीं अब पालतू कुत्तों की वजह से भी लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। शहर में पालतू कुत्तों को लेकर नियम-कायदे और निगरानी की उचित व्यवस्था नहीं होने का आरोप लगाते हुए नगरवासियों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

नगरवासियों का कहना है कि पिछले एक वर्ष के दौरान बेतिया नगर निगम के मेयर की ओर से करीब तीन बार विज्ञप्ति जारी कर जल्द ही शहरवासियों को आवारा कुत्तों की समस्या से निजात दिलाने की बात कही गई। हालांकि, लोगों का आरोप है कि घोषणाओं के बावजूद धरातल पर इसका अपेक्षित असर दिखाई नहीं दे रहा है।

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इधर, अब पालतू कुत्तों को लेकर भी शहर में समस्या सामने आने लगी है। नगरवासियों के अनुसार नगर निगम की ओर से कुत्ता पालने को लेकर स्पष्ट नियम-कानून लागू नहीं किए गए हैं और न ही पालतू कुत्तों के लिए लाइसेंस व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किया गया है।

लोगों का आरोप है कि सुबह और शाम नगर निगम के सफाई कर्मियों द्वारा सड़क और गलियों की सफाई किए जाने के बाद कुछ लोग अपने पालतू कुत्तों को लेकर सार्वजनिक स्थानों पर निकलते हैं। इस दौरान सड़क और गलियों में कुत्तों द्वारा गंदगी किए जाने से स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होती है।

नगरवासियों का कहना है कि सफाई कर्मियों की मेहनत के बाद सार्वजनिक स्थानों पर दोबारा गंदगी फैलने से शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ता है। लोगों ने पालतू कुत्तों के मालिकों से भी सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता बनाए रखने और जिम्मेदारी के साथ पालतू पशुओं को बाहर ले जाने की अपील की है।
वहीं, कुछ लोगों का यह भी आरोप है कि जब कोई नागरिक पालतू कुत्तों द्वारा सार्वजनिक स्थान पर गंदगी किए जाने का विरोध करता है तो विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। आरोप है कि कुछ कुत्ता पालक विरोध करने वाले लोगों से बहस करने लगते हैं और मामला मारपीट तक पहुंचने की नौबत आ जाती है।

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नगरवासियों ने नगर निगम से मांग की है कि पालतू कुत्तों के पालन को लेकर स्पष्ट नियम बनाए जाएं, लाइसेंस व्यवस्था को लागू किया जाए तथा सार्वजनिक स्थानों पर पालतू कुत्तों द्वारा गंदगी फैलाने पर जिम्मेदारी तय की जाए। साथ ही आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए भी प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई है।
अब देखना यह है कि नगर निगम की ओर से शहर में आवारा और पालतू कुत्तों से जुड़ी समस्याओं को लेकर क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए किस तरह की कार्रवाई की जाती है।

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