Bhihar News :बेतिया में ‘कबाड़ से जुगाड़’ कार्यक्रम, छात्रों ने रचनात्मक मॉडल बनाकर दिया स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
संवाददाता मोहन सिंह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से शुरू हुए स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत बुधवार को बेतिया नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों की रचनात्मक भागीदारी से ‘कबाड़ से जुगाड़’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अनुपयोगी वस्तुओं के पुन: उपयोग, रचनात्मक पुनर्चक्रण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम में राज इंटर कॉलेज, विपिन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, संत जेवियर स्कूल और केआर प्लस टू स्कूल समेत विभिन्न शिक्षण संस्थानों के दर्जनों छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और रचनात्मक सोच का परिचय देते हुए बेकार और अनुपयोगी वस्तुओं को उपयोगी रूप देने के मॉडल प्रस्तुत किए।

छात्रों ने प्लास्टिक की बेकार बोतलों से बाढ़ जैसी आपदा के दौरान बचाव के लिए लाइफ सेविंग जैकेट का प्रारूप तैयार किया। इसके अलावा कबाड़ सामग्री से टेबल लैंप, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, वैक्यूम क्लीनर सहित कई उपयोगी मॉडल बनाए गए। विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए इन मॉडलों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया और उनकी रचनात्मकता की खूब सराहना हुई।
इस अवसर पर नगर निगम की महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने प्रतिभागी छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि कबाड़ को अनुपयोगी समझकर फेंक देने के बजाय उसकी उपयोगिता तलाशना आज की जरूरत है। अनुपयोगी वस्तुओं का पुन: उपयोग और रचनात्मक पुनर्चक्रण न केवल कचरे की मात्रा को कम करता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।
महापौर ने विद्यार्थियों से अपनी रचनात्मक सोच को आगे बढ़ाने और समाज में स्वच्छता तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की ऐसी पहल लोगों को कचरा प्रबंधन और वस्तुओं के पुन: उपयोग के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि घरों और आसपास मौजूद कई ऐसी वस्तुएं, जिन्हें हम कबाड़ समझकर फेंक देते हैं, उनका रचनात्मक तरीके से दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे कचरा कम करने के साथ-साथ संसाधनों की बचत और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।