पश्चिम चंपारण में चंपारण तटबंध तीन जगह टूटा, दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा

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संवाददाता मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिम चंपारण।

पश्चिम चंपारण जिले में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार रात से मंगलवार सुबह के बीच चंपारण तटबंध तीन अलग-अलग जगहों पर टूट गया। करीब 65 मीटर तटबंध के ध्वस्त होने से निचले इलाकों और खेतों में पानी फैल गया है।

पहली घटना सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे सिंगहरी पिपरिया पंचायत के खराटवा दरोगा चौक के पास हुई। यहां बगहा और रतवल को जोड़ने वाले तटबंध का करीब 25 मीटर हिस्सा टूट गया।

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इसके बाद बैरिया प्रखंड के फुलिया खांड गांव के पास करीब 30 मीटर तटबंध ध्वस्त हो गया। वहीं मंगलवार सुबह मकड़ी तेसरहिया गांव के पास रतवल-बथवरिया मार्ग को जोड़ने वाले तटबंध का करीब 10 मीटर हिस्सा टूट गया।

ग्रामीणों के मुताबिक फुलिया खांड पंचायत के वार्ड नंबर 5 के पास तटबंध में पहले से पानी का रिसाव हो रहा था। रात में पानी का दबाव बढ़ने के बाद तटबंध का बड़ा हिस्सा टूट गया। ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग को इसकी सूचना दी, लेकिन टीम के पहुंचने तक काफी हिस्सा ध्वस्त हो चुका था। पानी के तेज बहाव के कारण तत्काल मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया जा सका।

तटबंध टूटने के बाद फुलिया खांड, श्यामपुर और शिवराजपुर समेत आसपास के गांवों में पानी फैलने लगा है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने, मवेशियों को निकालने और जरूरी सामान बचाने में परेशानी हो रही है। कई प्रभावित परिवारों ने तटबंध के ऊंचे हिस्सों पर शरण ली है।

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वहीं बगहा क्षेत्र में तटबंध टूटने से चखनी, राजवटिया, पिपरिया, बरगांव, बेलवा, डुमरिया, पाटिलार, रतवल, लगुनाहा और बकवा समेत कई गांवों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है।
स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत और चिकित्सा व्यवस्था तेज कर दी है।

जिलाधिकारी तरनजोत सिंह के निर्देश पर पीएचसी बगहा-1 की आरबीएसके मेडिकल टीम प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप लगाकर लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं और राहत सामग्री उपलब्ध करा रही है।

जल संसाधन विभाग के अभियंता भी तटबंध और गंडक नदी के जलप्रवाह पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने बताया कि तटबंध टूटने और बाढ़ की आशंका को देखते हुए मौके पर 30 सदस्यीय एनडीआरएफ टीम तैनात की गई है। आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य के लिए टीम को तैयार रखा गया है।

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प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार पानी का बहाव और दबाव कम होने के बाद क्षतिग्रस्त तटबंधों की मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और राहत-बचाव कार्य को तेज करना है।

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