ब्यूरो संवाददाता
इटावा : उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर के खिलाफ आम आदमी पार्टी (AAP) ने शनिवार को प्रदेशभर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के आवाह्न पर कार्यकर्ताओं ने जिला विद्युत उपकेंद्रों पर प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।
इटावा में आयोजित प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटर को “डिजिटल लूट” करार देते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष संजीव शाक्य के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।

संजीव शाक्य ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लागू स्मार्ट मीटर योजना पूरी तरह विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि मीटर बैलेंस खत्म होते ही बिजली तुरंत काट देते हैं, लेकिन रिचार्ज के बाद भी कई घंटों तक बिजली बहाल नहीं होती। यह स्थिति आम उपभोक्ताओं के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गई है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक करीब 78 से 80 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 70 लाख प्रीपेड मीटर हैं। उपभोक्ता तेजी से बैलेंस खत्म होने, गलत बिलिंग और बार-बार बिजली कटौती की समस्याओं से जूझ रहे हैं। कई मामलों में बिजली बिल ₹1500 से बढ़कर ₹6000–7000 तक पहुंच गया है।
जिलाध्यक्ष ने ₹20,000 करोड़ के स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट में बड़े स्तर पर घोटाले और कमीशनखोरी की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि मीटर की कीमतों में पहले अधिक वसूली की गई, जिसे विरोध के बाद घटाया गया। इससे योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर को वैकल्पिक बताने के बावजूद जमीनी स्तर पर अधिकारियों द्वारा जबरन उपभोक्ताओं के घरों में इन्हें लगाया जा रहा है और बाद में प्रीपेड में बदल दिया जाता है।
किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नलकूपों पर लगाए जा रहे 4G स्मार्ट मीटर नेटवर्क की समस्या के कारण ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, जिससे सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है और किसानों में भारी आक्रोश है।
AAP द्वारा दिए गए ज्ञापन में मांग की गई है कि स्मार्ट मीटर योजना की निष्पक्ष जांच कराई जाए, गलत बिलिंग और बिजली कटौती से प्रभावित उपभोक्ताओं को मुआवजा दिया जाए और 1912 हेल्पलाइन को प्रभावी बनाया जाए।
पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और सड़क से सदन तक मुद्दा उठाया जाएगा।
प्रदर्शन में मनोज यादव, अशोक यादव, रामदत्त यादव, विनीत कुमार, जगदीश, चंद्रपाल और रोहित सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।