बेतिया/पश्चिमी चंपारण।
पश्चिमी चंपारण जिले के नौतन प्रखंड क्षेत्र के डबरिया मकरीटोला गांव में एक बुजुर्ग की अंतिम यात्रा चर्चा का विषय बनी हुई है। मृतक छठु पटेल की अंतिम विदाई सामान्य शवयात्रा से अलग रही। परिवार की ओर से उनकी शवयात्रा में ढोल-नगाड़े और गाजे-बाजे के साथ आर्केस्ट्रा का भी आयोजन किया गया।

जानकारी के अनुसार, अंतिम यात्रा में आगे-आगे छठु पटेल की शवयात्रा चल रही थी, जबकि पीछे आर्केस्ट्रा की प्रस्तुति होती रही। कलाकारों की प्रस्तुति और नृत्य देखने के लिए रास्ते में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। देखते ही देखते यह दृश्य पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, गाजे-बाजे के साथ निकली इस अंतिम यात्रा को देखने के लिए कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। अंतिम यात्रा का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आ रही है।
मृतक के पुत्र मुकेश पटेल ने बताया कि उनके पिता का निधन 108 वर्ष की आयु में हुआ। उन्होंने कहा कि पिता की अंतिम इच्छा थी कि उनकी विदाई उत्सवपूर्ण माहौल में की जाए। इसी इच्छा का सम्मान करते हुए परिवार की ओर से ढोल-नगाड़े, गाजे-बाजे और आर्केस्ट्रा की व्यवस्था की गई।
मुकेश पटेल के अनुसार, परिवार और ग्रामीणों ने उनके पिता को अंतिम विदाई खुशी और उत्सव के माहौल में देने का निर्णय लिया था।
हालांकि, अंतिम संस्कार के दौरान आर्केस्ट्रा और नृत्य कराने को लेकर क्षेत्र में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे मृतक की अंतिम इच्छा और परिवार की अलग परंपरा बता रहे हैं, जबकि कुछ लोगों ने इस तरह की अंतिम यात्रा को लेकर असहमति जताई है। कुछ प्रबुद्ध लोगों ने इसे वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों में बदलती परंपराओं से जोड़कर टिप्पणी की है।
फिलहाल, छठु पटेल की यह अनोखी अंतिम यात्रा स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है।