संवाददाता: राजेंद्र कुमार
राजापाकर / वैशाली : बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग द्वारा राज्य की महत्वाकांक्षी योजना “सात निश्चय-3” के अंतर्गत वैशाली जिले के राजापाकर दक्षिणी पंचायत के सामुदायिक भवन परिसर में एक दिवसीय पशु बांझपन शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य पशुपालकों को उनके द्वार पर ही बेहतर पशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और पशुओं की नस्ल सुधार प्रक्रिया को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड प्रमुख ललिता देवी ने फीता काटकर किया। शिविर में बड़ी संख्या में पशुपालक अपने गाय एवं भैंसों के साथ पहुंचे, जहां विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों ने बांझपन जैसी समस्याओं के समाधान के लिए परामर्श दिया।
पशु चिकित्सक डॉक्टर अदिति, डॉक्टर गणेश शंकर विद्यार्थी एवं डॉक्टर अंकिता कुमारी ने बताया कि पशुओं में बांझपन की समस्या मुख्य रूप से संतुलित आहार की कमी, उचित देखभाल के अभाव और पोषक तत्वों की कमी के कारण उत्पन्न होती है। उन्होंने पशुपालकों को सलाह दी कि वे अपने पशुओं को नियमित रूप से कृमिनाशक दवा दें, मिनरल मिक्सचर का उपयोग करें तथा हरे चारे को आहार में शामिल करें।
शिविर के दौरान 53 पशुपालकों के कुल 179 पशुओं का उपचार किया गया तथा उन्हें निशुल्क दवाएं वितरित की गईं। साथ ही भूख न लगना, कृमि संक्रमण, घाव आदि विभिन्न बीमारियों के लिए भी दवाएं उपलब्ध कराई गईं।
पशु चिकित्सकों ने जानकारी दी कि आगामी 13 अप्रैल को रामपुर रत्नाकर उर्फ सरसई पंचायत के फतेहपुर फुलवरिया गांव में भी इसी प्रकार का पशु बांझपन शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें अधिक से अधिक पशुपालकों को भाग लेने की अपील की गई है।
इस मौके पर समाजसेवी नथुनी प्रसाद सिंह, कृषि सलाहकार देवेंद्र सिंह, पैक्स अध्यक्ष जयपत सिंह, रामेश्वर सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि एवं पशुपालक उपस्थित रहे।