वैशाली Today News: राजापाकर CHC में लापरवाही, नवजात के जांघ में टूटी सुई छोड़ दी, हालत बिगड़ने पर रेफर

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राजापाकर CHC में लापरवाही से नवजात के जांघ में सुई रह गई। कई अस्पतालों में भटकने के बाद निजी अस्पताल में सफल ऑपरेशन हुआ।

राजापाकर CHC में नवजात के साथ लापरवाही का मामला
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संवाददाता – राजेन्द्र कुमार
राजापाकर, वैशाली (बिहार)
06 अप्रैल 2026

राजापाकर । वैशाली जिले के राजापाकर प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य कर्मियों की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक नवजात शिशु को सुई देने के दौरान नीडल उसके जांघ में ही टूटकर रह गई, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई।

राजापाकर CHC में नवजात के साथ लापरवाही का मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैकुंठपुर पंचायत निवासी कृष्णा कुमार की पत्नी निशु कुमारी को 3 अप्रैल को प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजापाकर में भर्ती कराया गया। 4 अप्रैल की सुबह एएनएम प्रमिला और उषा की देखरेख में उन्होंने एक पुत्र को जन्म दिया।

जन्म के बाद नवजात को एएनएम उषा द्वारा सुई लगाई गई, लेकिन इस दौरान नीडल टूटकर बच्चे की जांघ में ही रह गई। आरोप है कि इस गंभीर गलती की जानकारी परिजनों को नहीं दी गई। कुछ ही देर में नवजात असहनीय दर्द से कराहने लगा और उसकी स्थिति बिगड़ने लगी।

स्थिति गंभीर होते देख स्वास्थ्य केंद्र से नवजात को तुरंत सदर अस्पताल हाजीपुर रेफर कर दिया गया। वहां एक्स-रे के बाद डॉक्टरों ने बताया कि सर्जन उपलब्ध नहीं है, जिसके बाद उसे पीएमसीएच पटना भेजा गया। पीएमसीएच में भी सर्जन की सीमित उपलब्धता के कारण नवजात को एम्स रेफर कर दिया गया।

लगातार बिगड़ती हालत के कारण परिजनों ने कई निजी अस्पतालों का रुख किया, लेकिन कहीं भी ऑपरेशन करने की सहमति नहीं मिली। अंततः पटना के राजा बाजार स्थित एम आर हॉस्पिटल में चिकित्सकों ने सफल ऑपरेशन कर नवजात की जांघ से नीडल बाहर निकाली। फिलहाल बच्चा आईसीयू में भर्ती है और उसका इलाज जारी है।

इस घटना पर राजापाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एस.पी. उपाध्याय ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित एएनएम उषा से स्पष्टीकरण मांगा गया है और रिपोर्ट आने के बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही बड़े सरकारी अस्पतालों में सर्जनों की अनुपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

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