Agra News :कानपुर देहात के जुलेठी पहुंची महाड़ सत्याग्रह संदेश यात्रा, बाबा साहब के विचारों और सत्याग्रह के इतिहास पर हुई चर्चा
कानपुर देहात, 3 सितंबर 2026। महाराष्ट्र के चावदार तालाब, महाड़ सत्याग्रह की 100वीं वर्षगांठ के अवसर पर धम्मभूमि श्रेष्ठ जीवन के लिए द्वारा 26 अगस्त 2026 से शुरू की गई महाड़ सत्याग्रह संदेश यात्रा गुरुवार को अपने नौवें दिन कानपुर से कानपुर देहात के जुलेठी, अमरौधा पहुंची।
यात्रा के जुलेठी पहुंचने पर तथागत बुद्ध और बाबा साहब डॉ. बी.आर. आंबेडकर के चित्रों के समक्ष पुष्प अर्पित किए गए। इसके बाद उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से तिशरण और पंचशील ग्रहण किया।
कार्यक्रम में यात्रा का नेतृत्व कर रहे धम्मभूमि श्रेष्ठ जीवन के लिए के महासचिव हरी गौतम विमल ने चावदार तालाब, महाड़ सत्याग्रह के घटनाक्रम और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के ऐतिहासिक भाषणों पर संक्षिप्त प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महाड़ सत्याग्रह केवल पानी के अधिकार का आंदोलन नहीं था, बल्कि यह सामाजिक समानता, मानव गरिमा और अधिकारों के लिए ऐतिहासिक संघर्ष का प्रतीक है।

हरी गौतम विमल ने यात्रा के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए आगामी कार्यक्रमों के बारे में भी उपस्थित लोगों को बताया। उन्होंने कहा कि महाड़ सत्याग्रह की 100वीं वर्षगांठ के अवसर पर संदेश यात्रा के माध्यम से बाबा साहब के विचारों, सामाजिक न्याय और समानता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान महाड़ सत्याग्रह के अवसर पर बाबा साहब डॉ. आंबेडकर द्वारा दिए गए दोनों महत्वपूर्ण भाषणों को संकलित कर तैयार की गई पुस्तक ‘चेतना की आग को बुझने न दीजिए’ तथा संबंधित पंपलेट उपस्थित उपासक-उपासिकाओं को वितरित किए गए।
यात्रा को मिला आर्थिक सहयोग
महाड़ सत्याग्रह संदेश यात्रा के उद्देश्य की उपस्थित लोगों ने सराहना की और आगे भी सहयोग देने का आश्वासन दिया। यात्रा के लिए श्रद्धेय सतीश कुमार गौतम ने 1,000 रुपये, श्रद्धेय हरी राम जी ने 500 रुपये तथा श्रद्धेय विश्वनाथ ने 200 रुपये का आर्थिक सहयोग प्रदान किया।

कार्यक्रम के अंत में धम्मभूमि श्रेष्ठ जीवन के लिए की ओर से सभी सहयोगियों और उपस्थित उपासक-उपासिकाओं का आभार व्यक्त किया गया। संगठन ने सभी के मंगलमय जीवन की कामना करते हुए महाड़ सत्याग्रह के समानता और सामाजिक न्याय के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।