संवाददाता : राजेन्द्र कुमार
हाजीपुर, वैशाली।
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘सात निश्चय-3’ के अंतर्गत “उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य” अभियान के तहत शनिवार को वैशाली जिले में स्थापित 16 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) का वर्चुअल लोकार्पण किया गया। राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन बेगूसराय से किया गया, जहां से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन विद्यालयों का शुभारंभ किया।

वैशाली जिले का मुख्य कार्यक्रम राजकीयकृत हाई स्कूल, सेंदुआरी में आयोजित हुआ, जिसमें हाजीपुर के विधायक अवधेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। लोकार्पण के साथ ही जिले के सभी 16 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) में शैक्षणिक गतिविधियों का भी विधिवत शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर विधायक अवधेश कुमार ने कहा कि सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार की दूरदर्शी पहल है। इससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधन, समान अवसर और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि ये विद्यालय भविष्य में उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों के रूप में स्थापित होंगे।
जिला पदाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह के निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा सभी विद्यालयों में भवन, स्मार्ट क्लासरूम, पेयजल, विद्युत, शौचालय, स्वच्छता, फर्नीचर, कार्यालय संचालन, कंप्यूटर, इंटरनेट सहित अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि विद्यार्थियों को पहले दिन से ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण मिल सके।
इन आदर्श विद्यालयों में अनुभवी शिक्षक एवं विषय विशेषज्ञों द्वारा अध्यापन कराया जाएगा। विद्यार्थियों को स्मार्ट क्लासरूम, ई-लाइब्रेरी, आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं, खेल सुविधाएं, करियर काउंसलिंग, रिमेडियल कक्षाएं तथा मेडिकल, इंजीनियरिंग, ओलंपियाड एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक तैयारी जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही DIKSHA एवं e-LOTS जैसे डिजिटल शिक्षण प्लेटफॉर्म की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
वैशाली जिले के भगवानपुर, बिदुपुर, चेहराकलां, देसरी, गोरौल, जंदाहा, लालगंज, महनार, महुआ, पटेढ़ी बेलसर, पातेपुर, राघोपुर, राजापाकर, सहदेई बुजुर्ग और वैशाली प्रखंड में एक-एक तथा हाजीपुर प्रखंड में एक सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) स्थापित किया गया है।
इन विद्यालयों के संचालन से वैशाली जिले में माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा मिलेगी। साथ ही विद्यार्थियों को आधुनिक, प्रतिस्पर्धी एवं मूल्यपरक शिक्षा उपलब्ध होगी, जिससे “विकसित भारत–समृद्ध बिहार, उन्नत शिक्षा–उज्ज्वल भविष्य” के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।