Uttar Pradesh : किसानों की गेहूं खरीद का भुगतान न होना आपदा के समय धोखा : कांग्रेस

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मनोज कुमार राजौरिया :   उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कहा कि किसानों की गेहूं खरीद का भुगतान नहीं हो पा रहा है। आपदा के समय यह धोखा है। इस समस्या पर सरकार तुरंत ध्यान दे।
मुख्यमंत्री को पत्र में लिखा है कि कोरोना वायरस महामारी के इस दौर में किसानों के गेहूं की अभी तक पूरी खरीदारी नहीं हुई और खरीदारी के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की शर्त से किसानों को बहुत दिक्कत हो रही है। इसका सरलीकरण किया जाए, क्योंकि मोबाइल द्वारा पंजीकरण करा पाना हर किसान के लिए संभव नहीं है। किसानों की गेहूं खरीद का भुगतान भी नहीं हो पा रहा है। यह उनके साथ आपदा के समय में धोखा है। इस पर सरकार ध्यान देकर तुरंत भुगतान कराए। पत्र में यह भी मांग की कि ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से बबार्द हुई फसलों का किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से राज्य के आम किसानों को भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा दैविक आपदा से जिन लोगों की मृत्यु हो गई, उनके परिजनों को यथाशीघ्र उचित राहत व अनुदान दिया जाना चाहिए।
◆ राज्य की मंडियों से समर्थन मूल्य पर 13.55 लाख टन गेहूं की हुई है खरीद
उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं रसद विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य की मंडियों से समर्थन मूल्य पर केवल 13.55 लाख टन गेहूं की खरीद ही हुई है जबकि राज्य से खरीद का लक्ष्य 55 लाख टन का तय किया हुआ है। उन्होंने बताया कि अभी तक राज्य के 2,56,799 किसानों का गेहूं खरीदा जा चुका है। कोरोना वायरस के कारण गेहूं की सरकारी खरीद में सोशल डिस्टेंस जैसे नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है, इसीलिए राज्य में गेहूं की खरीद 5,899 खरीद केंद्रों के माध्यम से की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले रबी सीजन में समर्थन मूल्य पर 37 लाख टन की खरीद हुई थी।

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