संवाददाता : मोहन सिंह
बेतिया, पश्चिमी चंपारण।
गरिमा देवी सिकारिया ने जानकारी देते हुए बताया कि ब्रिटिश कालीन “मुसहर राम-राम जानकी मंदिर” के खाली पड़े सार्वजनिक भूखंड पर लगभग 52.93 लाख रुपये की लागत से बहुउपयोगी सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जाएगा। नगर निगम प्रशासन द्वारा प्रस्तुत इस प्रस्ताव को नगर निगम बोर्ड से स्वीकृति मिल चुकी है तथा जल्द ही ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
महापौर ने बताया कि सामुदायिक भवन निर्माण के साथ-साथ वर्षों से जर्जर स्थिति में पड़े “मुसहर राम-राम जानकी मंदिर” का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण भी कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कार्य सार्वजनिक हित के साथ-साथ उस नि:संतान दंपति की स्मृति को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा, जिन्होंने करोड़ों रुपये मूल्य की अपनी भूमि समाज और धर्म के लिए दान कर दी थी।
महापौर श्रीमती सिकारिया के अनुसार कालीबाग मोहल्ला स्थित जंगी महावीर मंदिर के समीप अवस्थित यह मंदिर ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्व रखता है। स्थानीय लोगों से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 1940 के दशक में अत्यंत पिछड़ी जाति से संबंधित मुसहर राम दंपति ने करीब साढ़े तीन कट्ठा बास भूमि धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों के लिए दान कर दी थी। बाद में उन्होंने अपने सहयोगियों की मदद से राम-जानकी मंदिर का निर्माण कराया और जीवनभर उसी मंदिर परिसर में निवास किया।
दंपति की मृत्यु के दशकों बाद भी यह भूमि सार्वजनिक संपत्ति के रूप में सुरक्षित है। महापौर ने मुसहर राम दंपति को दान और समाजसेवा का अनूठा उदाहरण बताते हुए कहा कि नगर निगम बोर्ड ने मंदिर परिसर के खाली भूखंड पर बहुउपयोगी सामुदायिक भवन निर्माण तथा मंदिर के जीर्णोद्धार की योजना को मंजूरी दी है।
उन्होंने यह भी कहा कि कालीबाग क्षेत्र में दर्जनों ऐतिहासिक मंदिर स्थित होने के कारण इसे आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों का मोहल्ला कहना गलत नहीं होगा।