नई दिल्ली। Rahul Gandhi ने नई दिल्ली स्थित Indira Bhawan में आयोजित माइनॉरिटी एडवाइजरी काउंसिल की पहली बैठक में शामिल होकर कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद Imran Pratapgarhi की पहल की सराहना की।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के नेतृत्व में गठित राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की इस बैठक में देशभर से आए कांग्रेस नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न अल्पसंख्यक समुदायों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का आयोजन कांग्रेस के नवनिर्मित मुख्यालय इंदिरा भवन में किया गया।
बैठक के दौरान देश के सामाजिक ताने-बाने, संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक स्वतंत्रता के सामने बढ़ती चुनौतियों पर चर्चा की गई। परिषद के सदस्यों ने सांप्रदायिक और विभाजनकारी ताकतों द्वारा सद्भाव और भाईचारे को कमजोर करने के प्रयासों पर चिंता व्यक्त की।

राहुल गांधी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा की नफरत की राजनीति ज्यादा दिन चलने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि देश आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है और जनता जल्द ही असली मुद्दों को समझेगी। राहुल गांधी ने अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी हर मजलूम और कमजोर वर्ग के साथ मजबूती से खड़ी है।

उन्होंने कहा कि लोगों को डराने और फंसाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन संविधान और लोकतंत्र की ताकत सबसे बड़ी है। राहुल गांधी ने अल्पसंख्यक नेताओं से राजनीति में सक्रिय भागीदारी निभाने और अपनी आवाज बुलंद करने की अपील भी की।
वहीं, इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन और बौद्ध समुदायों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी हर पीड़ित के साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि देश में नफरत के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी और संविधान की रक्षा के लिए सभी को एकजुट होना होगा।