संवाददाता – विजय कुमार
वाराणसी, उत्तर प्रदेश
1 अप्रैल 2026
वाराणसी में आयोजित “एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026” ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक सहयोग को नई दिशा देने का मार्ग प्रशस्त किया है। यह महत्वपूर्ण सम्मेलन वाराणसी के एक प्रतिष्ठित होटल में आयोजित हुआ, जिसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

सम्मेलन में उत्तर प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता “नंदी” और राज्यमंत्री रवीन्द्र जायसवाल की विशेष उपस्थिति रही।
इस दौरान वाराणसी के काशी विश्वनाथ धाम और उज्जैन के महाकाल मंदिर कॉरिडोर के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और तीर्थ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है।

इसके साथ ही “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP)” योजना को मजबूत करने के लिए भी दोनों राज्यों के बीच सहयोग समझौता हुआ। इससे स्थानीय कारीगरों और उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच 2000 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना, केन-बेतवा नदी जोड़ो योजना और औद्योगिक विकास परियोजनाएं दोनों राज्यों के विकास को गति देंगी।

मंत्री राकेश सचान ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयाँ कार्यरत हैं, जो 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करती हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में बुनियादी ढांचे और निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
सम्मेलन में ODOP, GI टैग, ई-कॉमर्स और टेक्सटाइल सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार, प्रशिक्षण और स्वरोजगार योजनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
यह सम्मेलन न केवल आर्थिक विकास बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को भी मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।