Bihar News: लाॅकडाउन समस्या का समाधान नहीं, अस्पतालों व स्वास्थ्य व्यवस्था को ठीक करने पर गंभीर हो सरकार-विधायक

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संवाददाता मोहन सिंह

बेतिया ग्रामीण इलाकों में कोविड संक्रमण के महाविस्फोट, स्वास्थ्य व्यवस्था की बेहद लचर स्थिति और तेजी से बढ़ रहे मौतों पर भाकपा माले विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता ने चिंता ब्यक्त किया है, आगे कहा कि सरकार की ओर से लाॅकडाउन लगा दिया गया है. लेकिन विगत साल का अनुभव बेहद कड़वा है. आम लोगों को प्राकृतिक कोविड आपदा के साथ-साथ सुलतानी आपदा लाॅकडाउन की भी मार झेलनी पड़ी थी. अतः हमारी मांग है कि सरकार को लाॅकडाउन में ज्यादा रूचि दिखलाने की बजाए स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं को ठीक करने में कहीं अधिक गंभीर होना चाहिए.
बिहार सरकार द्वारा कोविड हेल्थ इमरजेंसी पर विधायक मद से 2 करोड़ रु. खर्च करने के फैसले पर माले विधायक ने सुझाया है कि इसे दो भागों में विभक्त किया जाए. 1 करोड़ रु. राज्य स्तर पर और शेष एक 1 करोड़ की राशि संबंधित विधायक के विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च करने का प्रावधान किया जाए.
आगे कहा कि कोविड महामारी के मद्देनजर विधायक मद की राशि अपर्याप्त है, इसलिए सरकार स्वास्थ्य बजट को तत्काल कम से कम दस गुणा करे और आॅक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर, फ्लोमीटर, एंबुलेंस आदि उपकरणों सहित अस्थायी अस्पतालों के निर्माण तथा डाॅक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों पर खर्च करे. व्यापक पैमाने पर डाॅक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों की बहाली, उनका रिजर्व पुल तथा ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा के पेशे से जुड़े लोगों को न्यूनतम प्रशिक्षण देकर कोविड मरीजों की सेवा में गांवों में तत्काल उतारा जाए. फोटो

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