कोविड-19 महामारी में चिकित्सा सेवाएं दे रहे एमबीबीएस इंटर्न की मानदेय में बढ़ोतरी करें प्रदेश सरकार :सन्त बहादुर (RSP-IMO)

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मनोज कुमार राजौरिया :  राष्ट्रीय समाज सेवी परिषद इंडियन मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सैफ़ई चिकित्सा विश्वविद्यालय से प्रशिक्षु एमबीबीएस छात्र संत बहादुर यादव जी ने माननीय मुख्यमंत्री जी व प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि उत्तर प्रदेश में कोविड-19 महामारी में चिकित्सा सेवाएं दे रहे एमबीबीएस इंटर्नशिप छात्रों की मानदेय दिल्ली व केंद्र सरकार के अधीन आने वाले मेडिकल कॉलेजों की भांति ₹23500 करने की कृपा करें संत बहादुर यादव जी का कहना है कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में एमबीबीएस इंटर्नशिप का मासिक मानदेय ₹7500 है जो कि प्रतिदिन का ढाई सौ रुपए होता है इतने पैसे में एक एम.बी. बी. एस. इंटर्न चिकित्सक की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति किसी भी प्रकार से नहीं हो सकती भारत के अन्य राज्यों में एमबीबीएस इंटर्न की मानदेय प्रतिमाह 15000 से 25000 के बीच में है जबकि 23 करोड़ जनसंख्या का प्रदेश होने के नाते सबसे ज्यादा मरीजों का भार चिकित्सा संस्थानों में उत्तर प्रदेश में ही है।

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अभी हाल ही में इसी महीने पंजाब सरकार ने कोविड-19 में कार्यरत एमबीबीएस इंटर की मानदेय में इजाफा करके ₹15000 किया है।
पिछले कई दिनों से उत्तर प्रदेश के अंदर समस्त मेडिकल कॉलेज और चिकित्सा संस्थानों में कार्यरत एमबीबीएस इंटर्न कोविड-19 महामारी में चिकित्सा सेवाएं देने संबंधी अपने दायित्वों का ईमानदारी एवं निष्ठा पूर्ण निर्वहन के साथ ही विभिन्न माध्यमों ट्विटर ईमेल इत्यादि से प्रार्थना पत्र भेजकर व सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की राज्य सरकार से मांग कर रहे हैं। हमारी उत्तर प्रदेश सरकार से मांग है कि यथाशीघ्र उत्तर प्रदेश में भी एमबीबीएस इंटर्न की मानदेय ₹23500 की जाए।

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