ब्यूरो संवाददाता
इटावा: हाफ़िज ए बुखारी फाउंडेशन के जेरे अहतिमाम जिक्रे शोहदा ए करबला बड़ी मस्जिद शाहकमर मे किया गया जिसमे हाफ़िज कफील चिश्ती ने कुरान शरीफ की तिलावत करके जलसे का आगाज़ किया। 9 मोहर्रम को मस्जिद शाहकमर मे जलसा जिक्रे शोहदा ए करबला मे मेहमाने खुसूसी आस्ताना ए आलिया समदिया फफूंद शरीफ के हज़रत अल्लामा व मौलाना सैय्यद मोहम्मद मज़हर मियाँ साहब चिश्ती ने कहा शरियत मुस्तफा पर अमल करना ही हुसैनियत है हज़रत ने फरमाया कि मोहर्रम मे लंगर व नियाज़ के साथ साथ नमाज़ो की पाबंदी भी करे इमामे हुसैन ने करबला के मैदान में खौफ, भूख, माल की कमी बर्दाश्त करते हुए और अपनी औलादों को कुर्बान करके यह सबक दिया कि हक व बातिल के सामने हक का साथ देना ही ईमान की निशानी है।
