Etawah News: अफसरशाही सरकार को गुमराह कर नहीं खुलेने दे रही वीकेंड लाकडाऊन

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संवाददाता दिलीप कुमार

इटावा: वैश्विक महामारी कोरोना के गिरते स्तर और सरकारी कामकाज को पुरानी तरह सुचारू रूप से संचालित होने के वावजूद शनिवार को बाजार बंद का कोई औचित्य नही रह गया है, उत्तर प्रदेश उधोग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के सदर अध्यक्ष आलोक दीक्षित एवं सदर संरक्षक आकाशदीप जैन बेटू ने कहा लाल फीताशाही नही चाहती कि शनिवार बन्दी समाप्त हो ,शनिवार को केवल बाजार बन्द होते हैं,जबकि वीकेंड लौकडाऊन की खुलेआम धज्जियां उड़ती हैं।

अधिकारी नहीं चाहते की शनिवार को बाजार खुले, क्योंकि अगर बाजार खुलेगा तो शनिवार को भी बहुत से कार्यालयों में काम करना पड़ेगा, जबकि अन्य प्रदेशों में शनिवार की बन्दी को समाप्त कर कोविड से पहले की तरह की व्यवस्था बहाल हो गयी है। व्यपारी नेताओं ने कहा कि शनिवार, रविवार के लौकडाऊन के कारण होटल व्यवसाय पर भी विपरीत असर पड़ा है, शनिवार इतवार को ही होटलों में काम होता है,बन्दी होने के कारण लोग हाईवे के ढाबों की तरफ रूख कर रहे हैं।

वीकेंड लौकडाऊन समाप्त कर शनिवार को बाजार खोलने की मांग करने वालों में वरिष्ठ उपाध्यक्ष कामिल कुरैशी, महामंत्री ओम रतन कश्यप, अनवार हुसैन, रजत जैन, सरदार मनदीप सिंह, सर्राफा कमेटी अध्यक्ष मुन्ना बाबू, कोषाध्यक्ष विशाल गुप्ता, अमित तिवारी, आलोक गुप्ता, राहत हुसैन रिजवी, नबी मन्सूरी, बी.के. यादव, सौरभ दुबे, राम सिंह सभासद, मुस्तकीम राईन, वैध प्राणेश वर्मा, श्रीमती प्रमिला पालीवाल, मु.अनीस, वी.एस. कुशवाह, विकास जैन दूध वाले, इश्तायक कुरैशी, सरताज अहमद, विपिन कुशवाहा, अमित गुप्ता, पावेन्द्र शर्मा, गुलशन महरोत्रा , जैनुल आबदीन, सैयद लकी, ,अभय टंडन, पंकज शर्मा, गजेन्द सिंह, नमित अग्रवाल, अविनाश चौरसिया, लखन सोनी, मुमताज अन्सारी, उमाकांत दीक्षित, मुकुल बुलानी, अम्बुज त्रिपाठी, मु. तहसीम, प्रशान्त दीक्षित, डीएस चौहान आदि प्रमुख हैं।

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