ब्यूरो संवाददाता
इटावा। जिले में आए भीषण आंधी-तूफान ने व्यापक तबाही मचाई। तेज हवाओं और बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए, बिजली के पोल गिर गए और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शहर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

विद्युत वितरण खंड इटावा के अधिशासी अभियंता हनुमान प्रसाद ने बताया कि नगर क्षेत्र में ही लगभग 50 से अधिक बिजली के पोल गिर गए हैं। आंधी-तूफान से विद्युत व्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है। सबसे अधिक क्षति गुरु तेग बहादुर बिजली घर, मैनपुरी फाटक बिजली घर, इंजीनियरिंग कॉलेज बिजली घर और रामलीला बिजली घर क्षेत्र में हुई है। सुरक्षा की दृष्टि से इन सभी बिजली घरों की आपूर्ति फिलहाल बंद कर दी गई है। विभागीय टीमें लगातार पेट्रोलिंग कर रही हैं और विद्युत आपूर्ति को जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विद्युत विभाग के अनुसार 33 केवी सुंदरपुर, फ्रेंड कॉलोनी तथा पचावली उपकेंद्रों की विद्युत आपूर्ति सामान्य कर दी गई है। हालांकि कुछ स्थानों पर 11 केवी लाइनों पर पेड़ गिरने और पोल टूटने के कारण मरम्मत कार्य जारी है। विभाग का दावा है कि अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल हो चुकी है तथा शेष क्षेत्रों में अगले कुछ घंटों में आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।
विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार 33 केवी गुरुतेग बहादुर, मैनपुरी फाटक, रामलीला, आवास विकास तथा इंजीनियरिंग कॉलेज उपकेंद्रों की आपूर्ति प्रभावित है। इनमें से अधिकांश क्षेत्रों में 1.5 से 2 घंटे के भीतर बिजली बहाल होने की संभावना जताई गई है।
वहीं 33 केवी कालीवाहन विद्युत उपकेंद्र की लाइन पर कई स्थानों पर पेड़ गिरने के कारण आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। विभाग के अनुसार इस क्षेत्र में बिजली व्यवस्था सामान्य होने में लगभग 5 घंटे का समय लग सकता है।
विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी टीमें युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं और जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग ने उपभोक्ताओं से धैर्य बनाए रखने और सहयोग करने की अपील की है। साथ ही बताया कि विद्युत आपूर्ति से संबंधित अद्यतन जानकारी विभाग द्वारा संचालित विभिन्न व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से लगातार साझा की जाती रहेगी।

वहीं, तेज आंधी और बारिश के कारण कचहरी परिसर में भी बड़ा नुकसान हुआ। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश कुमार त्रिपाठी ने कचहरी परिसर पहुंचकर नुकसान का मौके पर निरीक्षण किया। उन्होंने 6 नंबर बरामदे में बैठने वाले अधिवक्ता राजीव कुमार अग्निहोत्री से फोन पर वार्ता कर उनका कुशलक्षेम जाना और किसी प्रकार की जनहानि न होने पर ईश्वर का आभार व्यक्त किया।
निरीक्षण के दौरान कई अधिवक्ताओं के बस्ते एवं बैठने के स्थान क्षतिग्रस्त पाए गए। अध्यक्ष राजेश कुमार त्रिपाठी ने क्षति का आकलन करने के बाद जिला प्रशासन के आपदा प्रबंधन विभाग से प्रभावित अधिवक्ताओं को सहायता दिलाने तथा अधिवक्ता कल्याण निधि से भी आर्थिक मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने अधिवक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि भविष्य में यदि इस प्रकार का बड़ा तूफान या आंधी आए तो जिन अधिवक्ताओं के बस्तों के आसपास पुराने एवं बड़े पेड़ हैं, वे तुरंत वहां से हटकर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें।
ग्रामीण क्षेत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तेज हवाओं और बारिश के चलते धान की नर्सरी, सब्जी की फसलें तथा अन्य मौसमी फसलें प्रभावित हुई हैं। खेतों में पानी भर जाने और फसलों के गिर जाने से किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

किसानों का कहना है कि मौसम की इस मार से उत्पादन पर असर पड़ सकता है, जिससे उनकी आय प्रभावित होगी। वहीं कृषि विभाग के अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन करने की तैयारी में जुट गए हैं।

आंधी-तूफान के कारण कई मार्गों पर पेड़ गिरने से यातायात भी प्रभावित हुआ। प्रशासन, विद्युत विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां राहत एवं पुनर्स्थापना कार्यों में जुटी हुई हैं। मौसम विभाग ने आगामी घंटों में मौसम में उतार-चढ़ाव की संभावना जताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।