देश काल और परिस्थिति : तबलीगी जमात बनाम कोरोना संक्रमण

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सुनील पांडे : कार्यकारी संपादक

तबलीगी जमात क्या है ? इसकोे जानने से पूर्व तबलीगी मर्कज क्या है ?इसको भी जानना जरूरी है । तबलीगी मरकज का मतलब है अल्लाह की बातों को दूसरे लोगों तक पहुंचाना। मरकज का उद्देश्य मुसलमानों को शिक्षित करके नेक काम में लगाना है ।सामान्यतः एक जमात 3 से 40 दिनों की होती है इसमें दुनिया भर के मुसलमान लोग शामिल होते हैं । तबलीगी जमात विश्व स्तर पर सुन्नी मुसलमानों का इस्लामी धर्म प्रचार आंदोलन है ,जो मुस्लिम धर्म के लोगों को मूलतः इस्लामी पद्धतियों की ओर आकर्षित करता है। यह मूलतः धार्मिक तौर तरीके ,वेशभूषा अर्थात पहनावा, व्यैक्तिक गतिविधियों पर अमल करने पर जोर देता है । तबलीगी जमात का जन्म भारत में 1926 में हुआ था ।मौलाना मोहम्मद इलियास इसके संस्थापक थे। इनका पूरा नाम मौलाना मोहम्मद इलियास कंधालवी था। ये उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कांधला के रहने वाले थे ,इसी वजह से वो अपने नाम के आगे कांधलावी लगाते थे ।इसके बाद आने वाली पीढ़ियों ने भी अपने नाम के आगे कांधलावी लगाना शुरू किया ।1995 में तबलीगी जमात के प्रमुख इनामुल हसन के मौत के बाद मौलाना साद ने कमान संभाली ।तभी से मौलाना साद तबलीगी जमात के सर्वेसर्वा बन गएे और खुद को इस संगठन का सबसे बड़ा मानते हैं।10 मई 1965 को दिल्ली में जन्में मौलाना साद का पूरा नाम मौलाना मोहम्मद साद कांधलावी है ,उन्होंने हजरत निजामुद्दीन मरकज के मदरसा कसीफुल उलूम से आलिम की डिग्री हासिल की है ।वह भारतीय उपमहाद्वीप के सुन्नी मुसलमानों के सबसे बड़े संगठन तबलीगी जमात के संस्थापक मोहम्मद इलियासी के परपोते हैं ।तबलीगी जमात का ग्लोबल हेड क्वार्टर निजामुद्दीन मरकज दिल्ली है।

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आज विश्व कोरोना वायरस के वैश्विक संकट के दौर से गुजर रहा है। संक्रमण की इस विषम परिस्थिति में भारत का सबसे चर्चित मुद्दा तबलीगी जमात है। दिल्ली की निजामुद्दीन इलाके में स्थित तबलीगी जमात में मार्च माह में एक बड़े जलसे का आयोजन किया गया था इसमें लगभग 5000 जमाती शामिल हुए थे। इस जलसे में भारत सहित विश्व के कई अन्य देशों के विदेशी नागरिक भी शामिल हुए थे। लगभग इसी समय भारत में कोरोना संक्रमण के शुरुवातीे प्रसार के चलते 21 दिनों के लिए लाकडाउन की प्रक्रिया केंद्र सरकार द्वारा लागू कर दी गई थी।यह जमात तब सुर्खियों में आया जब इसमें शामिल लोगों में कई भारतीय एवं विदेशी कोरोना संक्रमण से पॉजिटिव पाए गए । जिसको लेकर सरकार अभी तक परेशान है। इस जमात से जुड़े लोगों की लगातार तलाश की जा रही है और उनको क्वारानटीन किया जा रहा है। इतना ही नहीं तबलीगी जमात में शामिल लोगों को कोरोना वायरस फैलाने , लाकडाउन प्रक्रिया का पालन ना करने तथा स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बदसलूकी करने का भी आरोप लगाया जा रहा है। देश में कोरोना संक्रमण के मरीजों की संख्या 7684 का आंकड़ा पार कर गई है जिसमें 250 लोगों की मौत हो चुकी है । राहत की बात यह है अभी तक इसमें 789 लोग ठीक ही हुए हैं। विगत 1 सप्ताह में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या में दोगुना इजाफा भी हुआ है। भारत में कोरोना संक्रमण से संक्रमित संख्या में हुई इस दोगुनी वृद्धि के लिए तबलीगी जमात को जिम्मेदार माना जा रहा है। जमात के अमीर मौलाना साद अभी तक फरार हैं ,लेकिन दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार मौलाना साद को दिल्ली के जाकिर नगर में सर्विलांस के माध्यम से ट्रेस किया गया है। भारत में कोरोना संक्रमण से संक्रमित लोगों के विगत दिनों प्राप्त आंकड़ों के अनुसार दिल्ली जैसे राज्य में करोना के 576 मामले सामने आये जिसमें 333 का तार मरकज से जुड़ा हुआ है।कोरोना संक्रमण से अब तक प्राप्त आंकड़ों में 40 फ़ीसदी तबलीगी जमात से जुड़ा हुआ है।उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु समेत भारत के कई अन्य राज्यों में भी जमातियों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। इसके चलते लाकडाउन की प्रक्रिया को बढ़ाना अब लगभग तय है।

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