संवाददाता : राजेन्द्र कुमार
राजापाकर, वैशाली।
शिक्षा व्यवस्था में गिरावट, प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक की घटनाओं, बढ़ती बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस पार्टी के “छात्रों की गूंज” अभियान के तहत चकसिकंदर बाजार में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तपन कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा बजट पर्याप्त नहीं है, जिससे सभी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ शिक्षा उपलब्ध कराना कठिन हो रहा है।
छात्रा रोजी कुमारी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसका सबसे अधिक प्रभाव गरीब एवं मेधावी छात्रों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से छात्रों पर आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ता है।
छात्र चंदन कुमार ने रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए कहा कि बड़ी संख्या में युवा स्थायी रोजगार से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
वहीं राजू कुमार ने भर्ती प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सभी सरकारी भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी किया जाना चाहिए, ताकि युवाओं को स्पष्ट अवसर और तैयारी का समय मिल सके।
कांग्रेस के ग्रामीण जिला अध्यक्ष रंजीत पंडित ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा शुरू किए गए “छात्रों की गूंज” अभियान का उद्देश्य छात्रों और युवाओं की समस्याओं को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि इसी अभियान के तहत चकसिकंदर बाजार में छात्रों और नौजवानों ने अपने विचार और समस्याएं साझा कीं।