Bihar News: राजापाकर स्कूल में ई-कचरा प्रबंधन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

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संवाददाता: राजेन्द्र कुमार
राजापाकर, वैशाली।

बिहार के वैशाली जिले के राजापाकर स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में मॉडल स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा ई-कचरा प्रबंधन एवं स्वच्छता को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ओर से संचालित स्वच्छता स्पेशल कैंपेन-6 के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को कचरे के उचित प्रबंधन, पृथक्करण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम की नोडल पदाधिकारी निधि सिन्हा ने बताया कि अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों को चेतना सत्र, क्विज प्रतियोगिता तथा एकत्रित ई-कचरे के सुरक्षित निस्तारण से संबंधित जानकारी दी जा रही है। इसका उद्देश्य बच्चों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और उन्हें पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना है।
चार रंगों के डस्टबिन में अलग-अलग कचरा डालने की दी जानकारी

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कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को कचरे की विभिन्न श्रेणियों और उनके उचित निस्तारण के बारे में विस्तार से बताया गया। बच्चों को समझाया गया कि गीले, सूखे, सैनिटरी और घरेलू खतरनाक कचरे को अलग-अलग रखना जरूरी है, ताकि उसका उचित प्रबंधन किया जा सके।
विद्यार्थियों को बताया गया कि हरे डस्टबिन में गीला कचरा डाला जाता है। इसमें सब्जियों और फलों के छिलके, बचा हुआ भोजन, अंडों के छिलके, चाय की पत्तियां, बगीचे की कतरन और फूल आदि शामिल हैं।
इसी प्रकार नीले डस्टबिन में सूखा और पुनर्चक्रण योग्य कचरा डाला जाता है। इसमें कागज के डिब्बे, साफ प्लास्टिक, कांच के जार, धातु के डिब्बे और दूध की थैलियां आदि शामिल हैं।
लाल डस्टबिन में सैनिटरी कचरा रखने की जानकारी दी गई। इसमें इस्तेमाल किए गए डायपर, सैनिटरी पैड, गंदे टिश्यू और मेडिकल बैंडेज जैसे कचरे शामिल हैं।

वहीं, काले डस्टबिन में घरेलू खतरनाक कचरे को अलग रखने के बारे में बताया गया। इसमें बैटरियां, पुराने मोबाइल फोन, चार्जर, फ्यूज बल्ब, पेंट और एक्सपायरी दवाइयां जैसी वस्तुएं शामिल हो सकती हैं। विद्यार्थियों को ऐसे कचरे का सुरक्षित तरीके से निस्तारण करने के महत्व से भी अवगत कराया गया।
पंचायत स्तर पर होगा कचरे का उचित निस्तारण

नोडल पदाधिकारी ने बताया कि विद्यालय में उपलब्ध कराए गए चार प्रकार के डस्टबिन में निर्धारित निर्देशों के अनुसार कचरा एकत्र किया जाएगा। इसके बाद विद्यालय से कचरे को प्रखंड स्तर पर कार्यरत स्वच्छता कर्मियों द्वारा उठाकर पंचायत के कचरा प्रबंधन गोदाम तक पहुंचाया जाएगा, ताकि कचरे का उचित निस्तारण सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा कि कचरे को इधर-उधर फेंकने के बजाय निर्धारित स्थान पर जमा करना चाहिए। इससे आसपास का वातावरण स्वच्छ रखने के साथ-साथ प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलेगी।
सोशल मीडिया के माध्यम से भी चलाया जाएगा जागरूकता अभियान

कार्यक्रम के अंतर्गत ई-कचरा प्रबंधन, कचरा एकत्रीकरण और स्वच्छता से संबंधित जानकारी का सोशल मीडिया तथा अन्य संचार माध्यमों से भी प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाना और उन्हें कचरे के सही प्रबंधन के लिए प्रेरित करना है।

नोडल पदाधिकारी ने बताया कि विद्यालयों में आयोजित शिक्षक-अभिभावक गोष्ठियों के दौरान भी अभिभावकों को ई-कचरा प्रबंधन एवं कचरा एकत्रीकरण अभियान के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है। बच्चों के माध्यम से घरों और समाज तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाया जा सकता है।

शिक्षक-शिक्षिकाओं की रही सहभागिता
विद्यालय परिसर में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम में प्रभारी प्रधानाध्यापक रविंद्र कुमार रवि, नोडल शिक्षक निधि सिन्हा सहित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम में राजकुमार रवि, प्रवीण कुमार, राकेश कुमार, रूपा कुमारी, प्रियंका कुमारी, खुशी कुमारी और शालिनी श्री सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल रहीं।

कचरे को अलग-अलग रखने और पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।

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