Bihar News : वैशाली के राजापाकर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया करवा चौथ, सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत

IMG-20261030-WA0040
Share News

संवाददाता: राजेन्द्र कुमार
राजापाकर, वैशाली।

बिहार के वैशाली जिले के राजापाकर प्रखंड क्षेत्र में गुरुवार को करवा चौथ का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और सुखी दांपत्य जीवन की कामना को लेकर निर्जला व्रत रखा। सुबह से ही महिलाओं में पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना कर करवा चौथ की परंपरा का निर्वहन किया।

पारंपरिक परिधानों में सजकर महिलाओं ने की पूजा-अर्चना
करवा चौथ को लेकर महिलाओं ने पहले से ही तैयारियां कर रखी थीं। बाजारों में पूजन सामग्री, करवा, छलनी, मिठाई, फल, साड़ी, चूड़ी, बिंदी और श्रृंगार के अन्य सामानों की खरीदारी की गई। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सज-संवरकर पर्व मनाया। कई महिलाओं ने हाथों में मेहंदी लगाई और सोलह श्रृंगार कर पूजा की तैयारी की। पर्व के अवसर पर घरों में भी उत्सवी माहौल बना रहा।

IMG 20261030 WA0040

पति की लंबी आयु के लिए रखा निर्जला व्रत
करवा चौथ के अवसर पर महिलाओं ने दिनभर निर्जला उपवास रखकर अपने पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-शांति की कामना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सुहागिन महिलाएं यह व्रत अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखती हैं।

शाम के समय महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और करवा चौथ की कथा सुनी। इसके बाद चंद्रमा के दर्शन करने और अर्घ्य अर्पित करने की परंपरा निभाई गई। चंद्रमा के उदय होने पर महिलाओं ने छलनी से चंद्रमा और अपने पति का दर्शन किया। इसके बाद पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत का पारण किया।

नवविवाहित महिलाओं में भी दिखा विशेष उत्साह
पर्व के दौरान परिवार के सदस्यों ने भी व्रत रखने वाली महिलाओं का सहयोग किया। विशेष रूप से नवविवाहित महिलाओं में करवा चौथ को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा कर अपने वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि की कामना की।

राजापाकर प्रखंड क्षेत्र में करवा चौथ का पर्व शांतिपूर्ण और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। इस पर्व ने परिवारों में आपसी प्रेम, विश्वास, पारिवारिक एकता और दांपत्य जीवन के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।

Trending News