Bihar News: कृषि विज्ञान केंद्र वैशाली में हर्षोल्लास से मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस, 35 प्रगतिशील किसानों का सम्मान

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संवाददाता: राजेन्द्र कुमार | राजापाकर, वैशाली

राजापाकर। कृषि विज्ञान केंद्र, वैशाली में 15 अगस्त 2026 को देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अनिल कुमार सिंह द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुई। इसके बाद केंद्र के वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्रगान गाया और देश के वीर सपूतों एवं स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक याद किया।

किसानों को दी आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में आगे बढ़ने की सीख

समारोह को संबोधित करते हुए केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अनिल कुमार सिंह ने किसानों एवं उपस्थित लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत कृषि के क्षेत्र में लगातार आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। किसानों की मेहनत, वैज्ञानिक तकनीकों का प्रयोग और कृषि क्षेत्र में नवाचार इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने किसानों से जलवायु अनुकूल कृषि, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, कृषि विविधीकरण तथा कृषि आधारित उद्यमों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसान अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र को और मजबूत बना सकते हैं।

35 प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति-पत्र देकर किया सम्मानित

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वैशाली जिले के विभिन्न प्रखंडों से चयनित 35 प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इन किसानों ने कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में उत्कृष्ट एवं नवाचारी कार्य किए हैं।

सम्मानित किसानों में खलील, बखरी बरई के प्रभु दयाल सिंह, फरीदपुर के नरेंद्र कुमार समीर, बासुदेवपुर चपुता के जितेंद्र सिंह, नामीडीह के अवधेश सिंह, बिदुपुर के रामस्वरत राय, शिवकुमार जी, सहदेई बुजुर्ग के संतोष कुमार मिश्रा, राजापाकर की कृष्णा देवी, पानापुर लंगा के श्रीहरि माधव, सादुल्लापुर की अंजू देवी एवं रीना देवी, नीरज प्रकाश, संजीव कुमार, रेणु देवी, प्रणव कुमार, श्यामसुंदर, मीना देवी, अरुण पासवान, महेश पासवान, संजय कुमार सिंह, अजय पासवान, रामकृपाल सिंह, दिनेश रजक, बैद्यनाथ भगत, रतनपुरा के रंजीत कुमार, भगवानपुर के संतोष कुमार, वीरपुर-राघोपुर के राजीव रंजन, अनिल कुमार सिंह, राजीव कुमार, रोशन कुमार, सत्यवीर सिंह, अमरेश कुमार सिंह, राजेश कुमार सिंह एवं कौशल सिंह सहित अन्य किसान शामिल रहे।

कृषि नवाचारों के लिए मिला सम्मान

सम्मानित किसानों ने जलवायु अनुकूल खेती, जैविक खेती, ड्रैगन फ्रूट की खेती, एकीकृत एवं समेकित कृषि प्रणाली, गेंदा फूल की खेती, पपीता एवं नींबू की खेती, मसाला प्रसंस्करण, वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन, गोभी बीज उत्पादन, मचान विधि से खेती, कम लागत वाली सिंचाई तकनीक तथा सौर ऊर्जा के उपयोग जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।

कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से इन किसानों के प्रयासों को कृषि क्षेत्र में नवाचार और अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायक बताया गया।

वैज्ञानिकों ने किसानों को दी आधुनिक तकनीकों की जानकारी

कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को कृषि की नवीनतम तकनीकों, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, कृषि प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के बारे में जानकारी दी। वैज्ञानिकों ने किसानों को कृषि को लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के लिए भी प्रेरित किया।

आयोजन में कर्मचारियों का रहा महत्वपूर्ण योगदान

कार्यक्रम के सफल आयोजन में केंद्र की वैज्ञानिक एवं कृषि अभियंता कुमारी नम्रता, डॉ. कविता वर्मा, डॉ. जोना दाखो, इशिता सिंह, ऋचा श्रीवास्तव, अंशुमान द्विवेदी, रमाकांत, सोनू, दीपक एवं आरती सहित केंद्र के अन्य कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

कार्यक्रम के अंत में किसानों, वैज्ञानिकों, कर्मचारियों एवं उपस्थित लोगों ने राष्ट्र निर्माण तथा कृषि क्षेत्र को और अधिक सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया

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