Bihar news :  कोरोनो जैसी त्रासदी में असहायों को 101 वें दिन तक रोज निःशुल्क पका भोजन बांटने का बना रिकॉर्ड :गरिमा

Bihar news :  कोरोनो जैसी त्रासदी में असहायों को 101 वें दिन तक रोज निःशुल्क पका भोजन बांटने का बना रिकॉर्ड :गरिमा
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संवाददाता :  मोहन सिंह बेतिया

गरिमा देवी सिकारिया के निजी कोष व टीम द्वारा बीते 9 मई से लगातार जरूरतमंद व लाचारों के बीच गर्म पका भोजन रोज परोसा जा रहा है। निवर्तमान सभापति व उनकी निजी टीम लगातार शहर रह रहे या आये असहायों को प्रतिदिन 1 से 3 बजे तक निःशुल्क भोजन परोस रही है। गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि अपने परिवार के अनवरत सहयोग से उनके द्वारा लगातार 101 दिन तक गरीब व असहाय लोगों के बीच निःशुल्क भोजन वितरण का रिकॉर्ड बनाया गया है, जो अभी जारी है।

 

Bihar news :  कोरोनो जैसी त्रासदी में असहायों को 101 वें दिन तक रोज निःशुल्क पका भोजन बांटने का बना रिकॉर्ड :गरिमा

उन्होंने बताया कि गृह वार्ड 24 अंतर्गत लाल बाजार स्थित बाबा पातालेश्वर मंदिर के रसोईघर में बनने वाले सुस्वादु भोजन को परोसने में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाता है। सभापति श्रीमती सिकारिया ने कहा कि हजारीमल धर्मशाला के समीप ही अवस्थित बाबा पातालेश्वरनाथ मंदिर परिसर में संचालित इस भोजन वितरण शिविर का संचालन मेरे अब तक के जीवन में इस प्रकार के शिविर में जरूरतमंदों का पेट भर पाने की उपलब्धि एक उत्कृष्ट सुखानुभूति का कारण है।

 

WhatsApp Image 2021 08 17 at 4.32.17 PMBihar news :  कोरोनो जैसी त्रासदी में असहायों को 101 वें दिन तक रोज निःशुल्क पका भोजन बांटने का बना रिकॉर्ड :गरिमा सभापति की ओर से भोजन तैयार कराने की व्यवस्था मंदिर परिसर में ही स्थित रसोईघर में की गयी है। शिविर का संचालन व तैयार भोजन परोसने की नियमित व्यवस्था में समाजसेवी व मंदिर संचालन समिति के अध्यक्ष नवेन्दु चतुर्वेदी व उनके कतिपय सहयोगीजन अनुराग चतुर्वेदी, रेमी पीटर, सरदार करमजीत सिंह, सुशीला देवी, शशि देवी, सुमन सिकारिया, निखिलेश चतुर्वेदी इत्यादि की महत्वपूर्ण भागीदारी रही है। गरिमा देवी सिकारिया द्वारा निःशुल्क पका भोजन वितरण शिविर में पहुंचे लोगों के बीच मास्क का भी वितरण जाता है। इस मौके पर निवर्तमान सभापति ने कहा कि कोरोना ऐसी विकट त्रासदी जिसका मुकाबला लॉक डाउन के नियमों का दृढ़ता से पालन करके ही किया जा सकता है। जिसके कारण रोज कमाकर खाने वाले परिवारों के सामने जीवनयापन का संकट आ गया है। हर प्रकार का काम ठप होने से बहुत सारे लाचार लोगों के सामने भोजन तक की समस्या खड़ी हो गयी है। शहर के ऐसे लाचार या शहर में रुकने को मजबूर लोगों के लिये यह शिविर है।

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