Bihar news बीमार नवजात शिशु को चिकित्सीय सुविधा मुहैया करायी जाय: जिलाधिकारी।

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संवाददाता मोहन सिंह

बेतिया जिलाधिकारी, कुंदन कुमार ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान राष्ट्रीय मिशन अंतर्गत दी जाने वाली मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं अनियमित होने के कारण शिशु स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस क्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा कोविड-19 वैश्विक महामारी में स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखते हुए सेवाएं नियमित प्रदान करने हेतु निदेशित किया गया है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के निदेश के आलोक में बीमार नवजात शिशु को निकटतम एसएनसीयू/एनबीएसयू में चिकित्सीय सुविधा मुहैया करायी जाय। प्रत्येक एसएनसीयू में प्रवेश द्वार के पास ट्रिगिंग के लिए एक रेडियण्ट वार्मर उपलब्ध करायी जाय। उन्होंने निदेश दिया कि कोविड-19 सस्पेक्ट केस के लिए स्टेप डाउन/फैमिली पार्टीसिपेटरी केयर कमरे को दो रेडियण्ट वार्मर के साथ अपडेट रखी जाय। साथ ही कोविड-19 पोजेटिव नवजात को स्थिरीकरण करने के उपरांत राज्य सरकार के कोविड-19 के दिशा-निर्देशों के आलोक में कोविड-19 मरीजों के लिए चिन्हित संस्थानों/चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में उचित व्यवस्था के साथ रेफरल सुनिश्चित किया जाय।

सिविल सर्जन को निदेश दियागया कि एसएनसीयू से डिस्चार्जड नवजात शिशुओं के संबंध में माता/देखभालकर्ता के साथ एसएनसीयू कर्मी के द्वारा फैसिलिटी फाॅलोअप तथा आशा कार्यकर्ता द्वारा कम्युनिटी फाॅलोअप मोबाईल अथवा दूरभाष के माध्यमसे नियमित कराना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही कोविड-19 के उदेश्य से स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर भ्रमण करने के दौरान ही शिशुओं के स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक पूछताछ कराना भी सुनिश्चित करें और आवश्यक चिकित्सीय सुविधा प्रदान किया जाय।

जिलाधिकारी ने कहा कि कोविड-19 से बचाव हेतु समय-समय पर निर्गत दिशा-निर्देशों का पालन करने हेतु चिकित्सीय जटिलता वाले अतिगंभीर कुपोषित बच्चों को नजदीकी पोषण पुनर्वास केन्द्र में चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने हेतु सभी व्यवस्थाएं अपडेट रखी जाय। साथ ही उचित रेफरल की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। वहीं ऐसे मरीजों को 102 एंबुलेंस सेवा मुफ्त में उपलब्ध करायी जाय।

उन्होंने कहा कि पोषण पुनर्वास केन्द्र से डिस्चार्जड बच्चों का नियमित रूप से दूरभाष अथवा मोबाईल के माध्यमसे फाॅलोअप सुनिश्चित किया जाय। उनके स्वास्थ्य पर नियमित तौर पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि मां एव नवजात शिशु को यथासंभव एक साथ रखा जाय ताकि कोविड-19 के बावजूद जन्म के एक घंटे के अंदर स्तनपान शुरू करना सुनिश्चित किया जाय। शिशुओं को हर बार स्तनपान कराते समय मां द्वारा मास्क का प्रयोग एवं हाथ की स्वच्छता का पालन अनिवार्य रूप से कराना सुनिश्चित किया जाय। इसके साथ ही भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 वैश्विक महामारी के संदर्भ में निर्गत दिशा-निर्देशों का अनुपालन कर उपरोक्त स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करायी जाय। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग एवं कोविड-19 के संक्रमण से बचाव हेतु अनिवार्यः समुचित सुरक्षात्मक उपायों की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाय।.

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