Bihar news : सरकार संसदीय लोकतांत्रिक मर्यादा का पालन करे वरना होगा और बड़ा आंदोलन- भाकपा माले

Bihar news : Government should follow parliamentary democratic decorum or else there will be a big movement - CPI(ML)
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संवाददाता. मोहन सिंह

बेतिया: पक्ष- विपक्ष संसदीय लोकतांत्रिक व्यवस्था की खुबसूरती है। विपक्ष विहिन संसदीय प्रणाली तानाशाही राज की प्रतीक होती है। बिहार की भाजपा-जद यू सरकार संसदीय लोकतांत्रिक मर्यादा का पालन करने से भाग रही है ।यह संसदीय लोकतांत्रिक व्यवस्था को तानाशाही में कैद करने की कवायद है।इसे कोई भी लोकतंत्र पसंद व्यक्ति या राजनीतिक दल बर्दाश्त नहीं करेगा।
उक्त बातें भाकपा माले नेता सुनील कुमार राव ने जिले के प्रभारी मंत्री नीतिन नवीन के खिलाफ बैरिया के नाथ बाबा चौक पर प्रदर्शन व पुतला दहन के दौरान कहते हुए बताया कि शनिवार को जिले में सरकार के प्रभारी मंत्री नीतिन नवीन ने समीक्षात्मक बैठक रखा था जिसमें सिकटा से भाकपा माले विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता को बैठक में नहीं बुलाया गया था।

इसको लेकर भाकपा माले ने अपने पार्टी के नेता और जिले में एकमात्र विपक्ष की आवाज वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता को नहीं बुलाने पर जिला व्यापी विरोध दिवस मनाने की घोषणा किया था। माले नेता ने कहा चंपारण से तानाशाही के खिलाफ हमेशा आवाज बुलंद हुई है। भाजपा जदयू सरकार के तानाशाही के खिलाफ भाकपा माले और यहां की लोकतांत्रिक न्याय पसंद लोगों का आंदोलन जारी रहेगा। माले नेता सुरेन्द्र चौधरी ने कहा कि विपक्ष विहिन बैठक का मतलब है जनता के लोकतांत्रिक आवाज को जबरन दबाना भाकपा माले इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। जनता के आवाज को और बुलंद करने के लिए भाकपा माले आंदोलन को और धारदार बनाएगी। मुखिया महासंघ के अध्यक्ष नवीन कुमार ने कहा कि सरकार के अदुरदर्शिता की वजह से पुरा जिला जलमय हो गया है। यहां तक बेतिया समहणालय भी जलमय हो जा रहा है। सड़कें टुट गई है। किसानों के बिचड़ा वह फ़सल बर्बाद हो गई है।यह सब सरकार नहीं सुनना चाहती है। इसलिए भाकपा माले विधायक वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता को बैठक में नहीं बुलाया गया। कार्यक्रम में बिनोद कुशवाहा, जोखू चौधरी, हारूण गद्दी, ठाकुर साह, अखिलेश प्रसाद, संजय कुशवाहा, धर्मेन्द्र कुमार आदि लोग शामिल हुए।.

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