Bihar News : बेतिया में किसान महासभा का प्रदर्शन, चुनाव आयोग के खिलाफ पुतला दहन कर उठाई बर्खास्तगी की मांग
संवाददाता मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चंपारण।
अखिल भारतीय किसान महासभा की ओर से बेतिया के सर्किट हाउस चौक पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के विरोध में पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान किसान महासभा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने तथा मताधिकार की रक्षा की मांग उठाई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय पार्षद सह जिला अध्यक्ष सुनील कुमार राव ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार गुप्ता सहित चुनाव आयोग के सभी सहयोगी पदाधिकारियों को बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने एसआईआर की प्रक्रिया को गैरकानूनी बताते हुए इसे तत्काल रद्द करने की मांग की। साथ ही उन्होंने एसआईआर के बाद हुए बिहार और बंगाल के चुनावों को रद्द करने तथा आगामी पांच राज्यों के चुनाव जनवरी 2025 की एसआईआर पूर्व मतदाता सूची के आधार पर कराने की मांग की।

सुनील कुमार राव ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण किसानों की जमीन और खेती पर कॉरपोरेट तथा बहुराष्ट्रीय कंपनियों का प्रभाव बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब एसआईआर के माध्यम से गरीबों, किसानों और मजदूरों के मताधिकार पर भी हमला किया जा रहा है। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों पर रोक तथा वोट और चुनाव के मुद्दे पर आवाज उठाने वाले छात्र-युवाओं एवं सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर पुलिस कार्रवाई की भी निंदा की।
किसान महासभा के जिला सचिव सह राज्य पार्षद इंद्रदेव कुशवाहा ने कहा कि आजादी की लड़ाई के दौरान देश के किसानों ने जमींदारी विनाश और बराबरी के अधिकार की मांग को भी आंदोलन से जोड़ा था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को समान मत का अधिकार मिला है, लेकिन एसआईआर के माध्यम से किसानों और मजदूरों के इस संवैधानिक अधिकार को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
पार्षद बिनोदराज्य यादव ने कहा कि किसान महासभा एसआईआर के विरोध में चल रहे आंदोलनों के साथ एकजुटता व्यक्त करती है। उन्होंने कहा कि संगठन किसानों और मजदूरों के खेती, जमीन तथा वोट के अधिकार की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रखेगा। उन्होंने किसानों के बीच राजनीति से दूर रहने की प्रवृत्ति को किसान हितों के खिलाफ बताते हुए लोगों से अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने का आह्वान किया।

किसान महासभा के जिला पार्षद संजय यादव ने कहा कि किसानों और मजदूरों के हितों के खिलाफ बनने वाली नीतियों का विरोध संसद और विधानसभाओं में भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी आबादी किसान और मजदूरों की है तथा सरकारों के गठन में उनके वोट की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा देने वाली नीतियों, खेती, रोजगार और जमीन से जुड़े मुद्दों के कारण किसानों-मजदूरों में सरकार के प्रति असंतोष बढ़ा है।
कार्यक्रम के दौरान किसान महासभा के कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की और पुतला दहन किया। मौके पर महम्मद जफिर, सुजायत अंसारी, नुर होदा अंसारी, मंगल यादव, शैख जौउवार सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।