Agra News:- प्रधानमंत्री आवास के लिए विकलांग कर रही दो साल से अधिकारियों से फरियाद

Agra News: Request for two years handicapping officials for Prime Minister's residence
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सुशील चंद्रा : प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र गरीबों को आवास मिलना किसी सपने के पूरा होंने से कम नहीं है। थाना बाह क्षेत्र के गावँ टोड़ीपुरा जरार निवासी विकलांग महिला पिछले दो साल से आवास लेने के लिए सक्षम अधिकारियों के चक्कर लगा रही है लेकिन उसे अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है।

Agra News: Request for two years handicapping officials for Prime Minister's residence

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हर पात्र गरीब को आवास दिलाये जाने के लिए सरकार हर सम्भव प्रयास कर रही है लेकिन माननीय के इस ड्रीम प्रोजेक्ट पर उनके आला अधिकारी पलीता लगाते नजर आ रहे हैं। मंगलवार को बाह में लगे समाधान दिवस पर कुल 26 शिकायतें आयीं जिनमें से किसी का भी मौके पर समाधान नहीं हो सका।

समाधान दिवस में ही विकलांग महिला शारदा देवी पत्नी मानसिंह निवासी टोडी का पुरा जरार प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास लेने के लिए अधिकारियों के पास प्रार्थना पत्र लेकर आयी।महिला ने बताया कि वह पिछले दो सालों से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए ग्राम प्रधान और सक्षम अधिकारियों के चक्कर लगा रही है लेकिन आवास योजना के तहत नामांकन कराए हुए उसे 2 साल पूर्ण हो चुके हैं लेकिन अब तक उसका न तो लिस्ट में नाम आया है और न ही आवास निर्माण के लिए कोई भी पैसा अवमुक्त किया गया है । शारदा देवी दोंनो पैरों से पूर्ण विकलांग है।

पिछले 2 साल से वह समाधान दिवस में अपनी शिकायतें दर्ज कराती आ रही है अब तक किसी भी अधिकारी ने उनकी शिकायत का निस्तारण नहीं किया है। चलने फिरने में असमर्थ शारदा देवी समाधान दिवस के प्रांगण में बमुश्किल दिवस अधिकारी के पास पहुंच पाती हैं फिर भी अब तक उनकी शिकायत का कोई निस्तारण नहीं किया गया है। शारदा देवी का कहना था कि कई बार ग्राम पंचायत से संबंधित अधिकारियों को रिश्वत देने के बावजूद भी आवास मुहैया नहीं कराया गया है। तहसील स्तर पर चलाए जा रहे समाधान दिवस केवल कागजी कार्यवाही के लिए चलाए जा रहे हैं किसी भी शिकायत का निस्तारण जगह पर नहीं किया जाता है। दिवस अधिकारी के आदेशों पर लगभग सभी विभाग के अधिकारियों द्वारा यह कह कर टाल दिया जाता है कि स्टाफ की कमी है।हालाँकि समाधान दिवस में लेकर आने वाले शिकायती पत्र पर अधिकारी फरियादी को समाधान का आश्वासन देते नजर आते हैं।

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