आगरा। बौद्ध समाज द्वारा महाबोधि महाविहार की मुक्ति को लेकर देशव्यापी आह्वान के तहत शुक्रवार को आगरा में भी एक दिन की भूख हड़ताल आयोजित की गई। यह कार्यक्रम फिरोजाबाद रोड स्थित धर्मोदय बुद्ध विहार, श्रीनगर कॉलोनी में प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक चला।
बताया गया कि महाबोधि महाविहार, बोधगया (बिहार) की मुक्ति के लिए 12 फरवरी 2025 से ऑल इंडिया बुद्धिस्ट फोरम और अन्य बौद्ध संगठनों के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन धरना जारी है। इसी क्रम में 26 जून 2026 को पूरे देश में एक दिन की भूख हड़ताल का आह्वान किया गया था।

आगरा में आयोजित इस अनशन में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए। प्रमुख रूप से धम्मभूमि श्रेष्ठ जीवन के लिए के राष्ट्रीय महासचिव हरी गौतम विमल, विजय मधुक, श्रीपाल सिंह, राजपाल सिंह, ओम प्रकाश सिंह, सरमन सिंह, महिपाल सिंह, लक्ष्मण प्रसाद सिंह, इंदर सिंह, भंवर सिंह, भूरी सिंह, अनीता बौद्ध, उमा बौद्ध, गौरी बौद्ध, अमित बॉडसान, श्याम सिंह भारती और देवेंद्र कुमार सोरकिया सहित कई लोगों ने भाग लिया।
अनशनकारियों ने केंद्र और बिहार सरकार के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि महाबोधि महाविहार को बौद्ध समाज के नियंत्रण में दिया जाए। साथ ही बौद्धगया मंदिर अधिनियम 1949 को समाप्त कर बौद्ध प्रतिनिधियों की समिति को मंदिर का प्रबंधन सौंपा जाए। उन्होंने कहा कि यह आस्था का नहीं बल्कि अधिकार का प्रश्न है।