Bihar news गन्ना उत्पादक किसान महासभा और किसान महासभा के संयुक्त बैठक में गन्ना व धान के बर्बाद फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर कृषि कार्यलयों पर 26 जुलाई को प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया

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संवाददाता मोहन सिंहWhatsApp Image 2021 07 13 at 5.10.27 PM

बेतिया बाढ़ व अतिवृष्टि से गन्ना व धान के बर्बाद हुए फसलों के मुआवजा की मांग को लेकर के 26 जुलाई को जिले के सभी प्रखंड कृषि कार्यालयों पर प्रदर्शन कर किसानों की सूची सौपी जाएगी। उक्त बातें अखिल भारतीय गन्ना उत्पादक किसान महासभा और अखिल भारतीय किसान महासभा की बेतिया में हुई। बैठक में किसान महासभा के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार राव ने कहा। उन्होंने कहा कि पूर्व में 17 जुलाई को प्रदर्शन का निर्णय लिया गया था लेकिन अब यह कार्यक्रम 26 जुलाई को सभी प्रखंड कृषि कार्यालयों पर होगा। किसान नेता ने बताया कि असमय बाढ़ व अत्यधिक बारिश के वजह से जिले में गन्ना फसल की व्यापक पैमाने पर बर्बादी हुई है। लेकिन सरकार के तरफ से अबतक गन्ना बर्बादी का कोई सर्वेक्षण नही किया गया। जिसको लेकर के किसानों में भारी आक्रोश है।WhatsApp Image 2021 07 13 at 5.10.27 PM
वही धान का बिचड़ा व लगाए गए धान बाढ़ व अत्यधिक बारिश के वजह से बर्बाद हो गया। सरकार धान पगने वाली किसानों की कोई सहायता नही कर पाई। किसानों की मांग रही है कि जमा हुआ बिचड़ा सरकारी कृषि फार्मों में जमा करके के किसानों में वितरित करे। लेकिन सरकार इसमे भी बुरी तरह विफल रही है। पानी की स्थिति देखते हुए व्यापक पैमाने पर धान की खेती असम्भव प्रतीत हो रहा है। ऐसे में सरकार धान की खेती करने वाले किसानों को निराश ही किया है। किसान महासभा के सुजायत अंसारी ने कहा कि गन्ना किसानों को प्रति एकड़ 40 हजार और धान के किसानों को 25 हजार रुपया प्रति एकड़ सरकार मुआवजा दे। गन्ना उत्पादक महासभा के धर्मनाथ कुशवाहा ने कहा कि गन्ना किसानों की व्यापक पैमाने पर क्षति हुई है सरकार ने इसके बीमा का कोई प्रबन्ध नही किया है। इस वजह से गन्ना किसान बर्बाद हो गए हैं। किसान महासभा के रामबाबू महतो ने कहा कि धान के फसलों के बर्बादी के वजह से किसान परेशान हैं।सरकार के तरफ से किसी भी तरह का कोई सहायता नही मिला। ऐसे में किसान गोलबंद होकर के 26 जुलाई को जिले के सभी कृषि कार्यलयों पर प्रदर्शन करेंगे।

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