Bihar news पर्यावरण संरक्षण में जीविका दीदियों की भूमिका काफी अहम

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संवाददाता मोहन सिंह
बेतिया प्रकृति मानव का सबसे अच्छा साथी है। किंतु मानव जाति द्वारा प्रकृति से छेड़- छाड़ ने मानव जाति के ही अस्तित्व पर खतरा पैदा कर दिया है।इस असंतुलन ने पृथ्वी पर अन्य जीव जंतुओं के अस्तित्व पर भी प्रभाव डाला है। बिहार सरकार द्वारा पर्यावरण की चुनौतियों से निपटने के लिए गत वर्ष जल- जीवन- हरियाली कार्यक्रम की शुरुआत की गई। जिसके तहत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कार्य का लक्ष्य रखा गया। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग के सहयोग से जीविका दीदियों ने दीदी की नर्सरी की शुरुआत की। जीविका दीदियों के लिए यह एक वरदान साबित हुआ।एक ओर नर्सरी से दीदी को एक नया रोजगार का साधन मिला है तो दूसरी ओर दीदियों में पर्यावरण के सुरक्षा और उसके संरक्षा हेतु समझ विकसित हुई है। इससे साल में दीदी 75 हजार से 1 लाख तक का लाभ कमा रही है। इस वर्ष रामनगर के सहारा ग्राम संगठन की प्रभावती देवी, अंजलि ग्राम संगठन मैनाटाड की लालपरी देवी, प्रगति ग्राम संगठन बगहा की सुगंधी देवी आदि द्वारा जिले में कुल 09 नर्सरी लगाए गए हैं। दीदी द्वारा वन विभाग के सहयोग से इस वर्ष नर्सरी में कुल 1.80 लाख पौधे लगाए गए है। वन विभाग द्वारा जीविका दीदी को तीन किस्तों में राशि देकर इनके पौधों का भी उठाव किया जाता है। वर्तमान में वन विभाग द्वारा 6-18 महीना मे तैयार पौधों को प्रति पौधा 11 रुपया की दर से खरीदा जाता है। जबकि जीविका दीदी प्रति पौधा 5-6 रुपया की लागत आ रही है। इस प्रकार जीविका दीदी की नर्सरी के कार्य से अच्छी आमदनी हो रहै है। बैरीया प्रखण्ड रामनती देवी ने बताया कि 20000 पौधों की नर्सरी तैयार करने के लिए दूसरे जीविका दीदी को भी नर्सरी तैयार करने, पौधों की देखभाल तथा अन्य कार्यों के लिए जीविका दीदी की मदद लेती है, इस प्रकार इससे अन्य जीविका दीदी का भी रोजगार सृजन हो रहा है।WhatsApp Image 2021 07 13 at 4.52.01 PM
“हरित जीविका हरित बिहार” कार्यक्रम के अंतर्गत इस वर्ष वन विभाग के सहयोग से राज्य में जीविका दीदियों द्वारा कुल 1.5 करोड़ पौधे लगाए जाने का लक्ष्य है । पश्चिम चंपारण जिला में इस अभियान के तहत कुल 6 लाख 15 हज़ार पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसकी शुरुआत जीविका दीदियों ने पर्यावरण दिवस पर लगभग 42 हजार पौधा लगाकर किया है। अभियान में तेजी आए इसलिए जीविका दीदियों द्वारा पौधारोपण एवं जागरुकता अभियान चला कर वातावरण निर्माण किया जा रहा है।

जिला परियोजना प्रबंधक, जीविका द्वारा बताया गया कि इस साल वन विभाग के तरफ से कुल 6.15 लाख पौधा उपलब्ध कराया जा रहा है जिसमें अमरुद के कुल 169714, आंवला के 36600, कटहल के 35800, आम के कुल 48300, जामुन के 48300, सहजन के 7000, सरीफा के 1500, शीशम के 5000, महोगनी के 84700 तथा सागवान के कुल 179018 पौधे जीविका दीदी को उपलब्ध कराया जाना है। वन विभाग के तरफ से पौधा वितरण की शुरुआत भी किया जा चुका है। तद्नुसार दीदियों द्वारा पौधा भी लगाया जा रहा है। जीविका दीदी में पौधरोपण को लेकर काफी उत्साह है, इनके द्वारा पौधे की सुरक्षा के लिए स्थानीय संसाधनों से घेरा भी बनाया जा रहा है। इस प्रकार जीविका दीदियां अब हरियाली के अग्रदूत के रूप अब आगे आ रही है, जो प्रकृति की सुरक्षा की दृष्टि से काफी शुभ संदेश है।.

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