संवाददाता: रजनीश कुमार
उन्नाव: 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर श्री विशंभर दयाल त्रिपाठी राजकीय महाविद्यालय, रसूलपुर रूरी, उन्नाव में एनसीसी इकाई द्वारा योग कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं व्यवस्थापन एनसीसी कैडेट्स द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कृष्णकांत दुबे द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है तथा स्वस्थ जीवन के लिए नियमित योगाभ्यास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों एवं कैडेट्स को योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर योग प्रशिक्षकों द्वारा कैडेट्स एवं उपस्थित विद्यार्थियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम तथा ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया गया। योग के माध्यम से शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन एवं आत्मिक शांति प्राप्त करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
एनसीसी प्रभारी डॉ. रजनीश कुमार ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम “Yoga for Healthy Ageing” (स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था हेतु योग) के महत्व को बताते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को स्वस्थ, सक्रिय एवं अनुशासित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कैडेट्स को योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स ने अनुशासन, समर्पण एवं सेवा भावना का उत्कृष्ट परिचय देते हुए योग सत्र के संचालन, प्रतिभागियों के मार्गदर्शन एवं व्यवस्थाओं का सफल निर्वहन किया। कार्यक्रम के अंत में सभी कैडेट्स एवं प्रतिभागियों ने स्वस्थ एवं निरोग जीवन के लिए नियमित योग करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मुख्य योग गुरु श्री देवेश मिश्रा एवं विशिष्ट योग गुरु श्री गोपाल नारायण मिश्रा ने उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कुलदीप कुमार शुक्ला, महाविद्यालय कार्यक्रम प्रभारी श्री अमित कुमार प्रजापति, एनसीसी प्रभारी डॉ. रजनीश कुमार, डॉ. नलिन सिंह, डॉ. नवनीत कौर, डॉ. दयानंद मिश्रा, श्री विनीत कुमार तथा डॉ. अनुराग रावत सहित अन्य कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
“योग अपनाएं, स्वस्थ जीवन पाएं”
“करो योग, रहो निरोग”।