संवाददाता – मदन गोपाल
अम्बेडकरनगर जिले के विधान सभा क्षेत्र अकबरपुर के ग्राम सभा कहरा सुलेमपुर एवं विधान सभा क्षेत्र जलालपुर के ग्राम सभा-दसेरा में करोड़ो-करोड़ों दलितों, शोषितों, अल्पसंख्यकों एवं अन्य उपेक्षित वर्गों के मसीहा भारतीय संविधान के निर्माता,परम् पूज्य, भारत रत्न बोधिसत्व बाबा साहब डॉ०भीमराव अम्बेडकर जी की 135वीं जयंती समारोह कार्यक्रम में सपा के राष्ट्रीय सचिव/पूर्व सांसद/आलापुर के विधायक त्रिभुवन दत्त जी शामिल हुए । तत्पश्चात विधान सभा क्षेत्र आलापुर के विकास खण्ड जहांगीरगंज के ग्राम सभा ऐनवा में बाबा साहब डॉ०भीमराव अम्बेडकर जी की प्रतिमा का अनावरण आलापुर विधायक त्रिभुवन दत्त जी द्वारा किया गया। उसके बाद विधायक त्रिभुवन दत्त जी विकास खण्ड रामनगर के ग्राम सभा हुसेनपुर मुसलमान, रन्नापुर, गोवर्धनपुर, इसौरी नसीरपुर, मसेना मिर्जापुर, रामनगर, मूसेपुर मंझनपुर आदि स्थानों पर आयोजित बाबा साहब डॉ०भीम राव अम्बेडकर जी के जयंती समारोह में शामिल हुए। भारतीय संविधान के निर्माता परम पूज्य भारत रत्न बोधिसत्व बाबा साहब डॉ०भीमराव अम्बेडकर जी के 135वीं जयंती समारोह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक त्रिभुवन दत्त जी ने कहा कि बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी का जन्म आज के ही दिन 14अप्रैल 1891 में हुआ था,आज पूरी दुनिया में किसी महामानव की इतने बड़े पैमाने पर जयंती मनाई जाती है तो वह महामानव दलितों का भगवान परम पूज्य बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी की जयंती मनाई जाती है। बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी पढ़ाई लिखाई करने के बाद भारत का संविधान बना करके हमको वो सारे हक दिलाये , उस समय तत्कालीन सामाजिक व्यवस्था के तहत जिस समाज के लोगों को इस मुल्क में पढ़ने लिखने का अधिकार नहीं था,जिनको अच्छा कपड़ा पहनने का, जिनको अच्छी रोटी खाने का, अच्छे मकान में रहने की व्यवस्था नहीं थी | भारतवर्ष में गिट्टी से मिट्टी तक तोड़ने वाला समाज, सुई से लेकर हवाई जहाज तक बनाने वाला समाज, खेत खलिहान में काम करने वाला समाज और चाहे माघ की ठिठुरती ठंडक हो,जेठ की तपती दोपहरी हो, सावन की झमझमाती बरसात हो, हर समय काम करने का कार्य करता है लेकिन ऐसे समाज के लोगों को इस मुल्क में गैर बराबरी की निगाह से देखने का काम किया जाता हथा | बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर जी को जब संविधान लिखने का मौका मिला तो बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर ने हर समाज के साथ-साथ महिलाओं गरीबों, मजदूरों, दलितों, शोषितों, पिछड़ों, अकलियतों व हर समाज के लिए बराबर का दर्जा देने का काम किया और 26 जनवरी 1950 को इस मुल्क में बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर के लिखे संविधान को अपनाया गया । तब बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर खिलखिला कर हंस पड़े थे कि जिस समाज के लोगों को इस मुल्क में जानवर से बद्दतर जिंदगी जीने को मजबूर किया गया, ऐसे समाज के लोगों को भी मैंने वो अधिकार दे दिया कि वो समाज में अग्रणी भूमिका अदा करके अपने जीवन का निर्वहन करने का काम कर सके।
इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष राम प्यारे निषाद, पूर्व प्रमुख प्रमोद दत्त, सदस्य जिला पंचायत अजीत यादव, युवा नेता अधिवक्ता राहुलदत्त यशवर्धन, विधान सभा अध्यक्ष रवींद्र यादव,विद्या सिंह भारती,सपा नेता अजय गौतम एडवोकेट, कृष्ण कुमार पाण्डेय, ब्लॉक अध्यक्ष राजबहादुर यादव, गुरुदेव गौतम, मंगलदीप, संजीव कुमार, पृथ्वीराज, संजय गौतम, विवेक कुमार, अन्नू कन्नौजिया आदि भारी संख्या में लोग़ मौजूद रहे ।