संवाददाता: राजेन्द्र कुमार
राजापाकर/वैशाली: प्रखंड क्षेत्र के रामपुर रत्नाकर उर्फ सरसई पंचायत के फतेहपुर फुलवरिया ग्राम स्थित दलित विकास भवन परिसर में मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार सरकार द्वारा एक दिवसीय पशु बांझपन शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-3 योजना के अंतर्गत बेहतर पशु स्वास्थ्य प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन समाजसेवी वाल्मीकि सिंह ने फीता काटकर किया। शिविर में पहुंचे पशुपालकों को गाय एवं भैंस में होने वाली बांझपन की समस्या के समाधान के लिए विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई तथा निशुल्क दवाओं का वितरण भी किया गया।
पशु चिकित्सक डॉ. अदिति, डॉ. गणेश शंकर विद्यार्थी एवं डॉ. अंकिता कुमारी ने बताया कि बांझपन की समस्या अधिकतर पोषण की कमी के कारण होती है। किसानों द्वारा पशुओं को केवल चोकर और भूसा देने से आवश्यक विटामिन और पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, जिससे यह समस्या उत्पन्न होती है।
उन्होंने पशुपालकों को सलाह दी कि प्रत्येक तीन माह पर कृमिनाशक दवा दें, मिनरल मिक्सचर पाउडर का उपयोग करें और हरे चारे को आहार में शामिल करें, जिससे पशुओं में बांझपन की समस्या से बचा जा सकता है।
शिविर में कुल 65 पशुपालकों के 137 पशुओं का उपचार किया गया तथा विभिन्न बीमारियों जैसे भूख न लगना, कृमि संक्रमण, घाव आदि के लिए दवाओं का वितरण किया गया। साथ ही पशुओं की जांच कर उचित परामर्श भी दिया गया।
इस अवसर पर पाराभेट कर्मी विनोद गुप्ता, मैत्री कर्मी विशंभर कुमार, पशु टीकाकर्मी सत्येंद्र राय, विजय कुमार सहित कई किसान—सुनील चौरसिया, धर्मेंद्र चौरसिया, बैजू पंडित, अमरनाथ सिंह, दीनदयाल सिंह, दीपक कुमार एवं रामनाथ सिंह—उपस्थित रहे।