संवाददाता: राजेन्द्र कुमार
राजापाकर/वैशाली: भीमराव अंबेडकर की 136वीं जयंती के पूर्व संध्या पर आरपीएस कॉलेज, काशीपुर चकबीवी परिसर में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने बाबा साहब के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिवक्ता सुरेश प्रसाद सिंह ने की, जबकि संचालन अधिवक्ता राजकुमार द्वारा किया गया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में सुरेश प्रसाद सिंह ने कहा कि बाबा साहब ने जीवनभर दलितों, पिछड़ों और शोषितों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया तथा देश को एक सशक्त संविधान प्रदान किया, जिसने समाज के हर वर्ग को समान अवसर दिए।
उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में जन्मे डॉ. अंबेडकर ने सामाजिक भेदभाव और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करते हुए अपने ज्ञान और संघर्ष के बल पर एक नई पहचान बनाई। वे एक महान अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ, लेखक और समाज सुधारक थे।
वक्ताओं ने उनके जीवन संघर्ष और विचारों पर प्रकाश डालते हुए उन्हें एक महान दार्शनिक बताया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने “शिक्षित बनो, संगठित हो, संघर्ष करो” के उनके संदेश को अपनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर लक्ष्मण राय, अधिवक्ता विजेंद्र यादव, राजकुमार, कृष्ण कुमार, मनोरंजन कुमार, शिव शंकर कुमार, अमित कुमार, कन्हैया कुमार सहित कई गणमान्य लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का समापन अधिवक्ता राजकुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।