संवाददाता – राजेन्द्र कुमार
राजापाकर, वैशाली (बिहार)
08 अप्रैल 2026
राजापाकर । वैशाली जिले के राजापाकर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से सटे जीएनएम (GNM) संस्थान में छात्राओं द्वारा लगाए गए गंभीर अनियमितता के आरोपों की जांच अब तेज हो गई है। सिविल सर्जन वैशाली के निर्देश पर गठित दो सदस्यीय जांच टीम ने बुधवार को संस्थान पहुंचकर मामले की विस्तृत पड़ताल की।

जांच टीम में गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. राजेश किशोर साहु और जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. विशाल प्रकाश शामिल थे। टीम ने लगभग दो घंटे तक संस्थान की प्राचार्या रिंकी कुमारी से पूछताछ की और छात्राओं के बयान भी दर्ज किए।
छात्राओं ने प्राचार्या पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें अनुपस्थिति शुल्क के नाम पर प्रतिदिन 100 रुपये की वसूली, प्रैक्टिकल परीक्षा के नाम पर 15,000 रुपये की अवैध मांग, बिना रसीद के एडमिशन के समय हजारों रुपये लेना तथा मानसिक उत्पीड़न शामिल है।
जांच के बाद मीडिया से बातचीत में डॉ. राजेश किशोर साहु ने बताया कि कुछ आरोप प्रथम दृष्टया सही प्रतीत हो रहे हैं, जबकि कई आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सभी साक्ष्यों को एकत्र कर लिया गया है और विभागीय नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सिविल सर्जन द्वारा जारी आदेश में जांच टीम को निर्देश दिया गया है कि सभी बिंदुओं पर स्पष्ट मंतव्य के साथ अपनी रिपोर्ट तीन दिनों के भीतर प्रस्तुत करें।
इस मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई है और छात्राओं को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।