संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया, पश्चिमी चंपारण
विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर 31 मई 2026 को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा बेतिया में भव्य व्यसन मुक्ति शोभा यात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ब्रह्माकुमारी अंजना दीदी एवं मुख्य अतिथि डॉ. सुधा भारती ने हरी झंडी दिखाकर किया।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने तथा स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया गया। शोभा यात्रा घसियार पट्टी स्थित रामलीला मैदान की गीता पाठशाला से प्रारंभ होकर नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए सागर पोखरा शिव मंदिर परिसर तक पहुंची।
यात्रा में शामिल युवाओं, महिलाओं, समाजसेवियों एवं ब्रह्माकुमारी संस्थान के भाई-बहनों ने हाथों में प्रेरणादायक बैनर और तख्तियां लेकर लोगों को तंबाकू, शराब और अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। पूरे मार्ग में नशामुक्त भारत और स्वस्थ भारत के संदेश गूंजते रहे।
इस दौरान ब्रह्माकुमारी अंजना दीदी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के शरीर को ही नहीं, बल्कि उसके मन, परिवार और समाज को भी कमजोर करता है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता और राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से व्यक्ति आत्मबल विकसित कर किसी भी प्रकार की बुरी आदत और व्यसन पर विजय प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने कहा कि जब मनुष्य अपने वास्तविक स्वरूप आत्मा को पहचानता है और परमात्मा से संबंध जोड़ता है, तब उसके जीवन में शांति, शक्ति और सकारात्मकता का संचार होता है। यही आध्यात्मिक जागरूकता व्यसनमुक्त समाज के निर्माण का आधार बन सकती है।
शोभा यात्रा के समापन अवसर पर सागर पोखरा शिव मंदिर परिसर में व्यसन मुक्ति विषय पर एक प्रभावशाली लघु नाटक का मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से दिखाया गया कि किस प्रकार नशे की लत व्यक्ति के जीवन, परिवार की खुशियों और सामाजिक प्रतिष्ठा को प्रभावित करती है तथा सकारात्मक जीवनशैली और आध्यात्मिक जागरूकता अपनाकर इससे मुक्ति पाई जा सकती है।
कार्यक्रम में प्रस्तुत संदेशों और नाट्य मंचन ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। कई लोगों ने नशा छोड़ने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प भी लिया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नगरवासी, विद्यार्थी, युवा, महिलाएं एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पूरे वातावरण में नशामुक्ति, स्वास्थ्य जागरूकता और आध्यात्मिक उत्थान का संदेश गूंजता रहा।
“व्यसन छोड़ो, आत्मबल जोड़ो — राजयोग अपनाओ, जीवन मुस्कुराओ।”