संवाददाता : राजेन्द्र कुमार
राजापाकर, वैशाली। प्रखंड के सभी राजकीय प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में शनिवार को वर्ग समाप्ति के उपरांत अभिभावक-शिक्षक गोष्ठी (PTM) का आयोजन किया गया। गोष्ठी का मुख्य विषय “समावेशी शिक्षा : हमारा हर बच्चा महत्वपूर्ण” रहा, जिसमें बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सर्वांगीण विकास पर विस्तार से चर्चा की गई।

इसी क्रम में पीएम श्री राजकीय मध्य विद्यालय, राजापाकर में भी अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के अभिभावक उपस्थित रहे।
गोष्ठी में शिक्षकों ने अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए संतुलित एवं पौष्टिक भोजन अत्यंत आवश्यक है। अभिभावकों को सलाह दी गई कि वे बच्चों को खाली पेट विद्यालय न भेजें तथा विद्यालय आने से पहले समय पर भोजन अवश्य कराएं। साथ ही बच्चों को प्रतिदिन स्वच्छ एवं निर्धारित स्कूल ड्रेस में विद्यालय भेजने पर भी बल दिया गया।
शिक्षकों ने अभिभावकों से कहा कि वे घर लौटने के बाद बच्चों की टास्क बुक एवं गृहकार्य की नियमित जांच करें तथा उन्हें समय पर पूरा करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूल से लौटने के बाद बच्चों को कुछ समय खेलने दें और उसके बाद प्रतिदिन कम से कम दो घंटे अध्ययन के लिए प्रेरित करें।
बैठक में यह भी बताया गया कि अभिभावक समय-समय पर विद्यालय आकर बच्चों की पढ़ाई, उपस्थिति एवं प्रगति की जानकारी लें। साथ ही पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई हो रही है या नहीं, इस पर भी ध्यान दें। शिक्षकों ने कहा कि विद्यालय और अभिभावकों के बीच नियमित संवाद से बच्चों का शैक्षणिक प्रदर्शन और बेहतर होगा।
इस दौरान अभिभावकों ने भी शिक्षकों से बच्चों के पठन-पाठन, कक्षा में उनकी रुचि तथा खेलकूद की व्यवस्था को लेकर कई प्रश्न पूछे। उन्होंने विद्यालय में नियमित खेल गतिविधियों के संचालन पर भी जोर दिया, ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक प्रभात कुमार चौधरी सहित शिक्षक राजेश कुमार, नीरू कुमारी, नेहा कुमारी, देवानंद दास, रिचा कुमारी, सोनम कुमारी, नेहा सिंह, हरिनंदन कुमार, धर्मेंद्र गुप्ता, अजय कुमार एवं शिव शंकर प्रसाद सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।