संवाददाता: राजेन्द्र कुमार
स्थान: राजापाकर, जिला वैशाली, बिहार
दिनांक: 21 मार्च 2026
राजापाकर । प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में मुसलमानों ने ईद-उल-फितर की नमाज अकीदत के साथ अदा की। इस दौरान अनुयायियों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की दिली मुबारकबाद दी। मस्जिदों में शांति और धार्मिक अनुशासन बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने भी पूरी सतर्कता बरती।
रमजान का महत्व बताया गया
मौलाना मोहम्मद गुलाम रब्बानी ने बताया कि रमजान इस्लामिक कैलेंडर का नौवां और सबसे पवित्र महीना होता है। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग 30 दिनों तक रोजा रखते हैं। सेहरी से लेकर इफ्तार तक वे कुछ खाते-पीते नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि यह महीना गुनाहों से तौबा करने, तरावीह की नमाज अदा करने और कुरान शरीफ की तिलावत करने का होता है, जिससे इंसान अल्लाह के करीब पहुंचता है।
ईद-उल-फितर का संदेश
ईद-उल-फितर रमजान के महीने के समापन का प्रतीक है। यह त्यौहार प्रेम, भाईचारा और सामाजिक एकता का संदेश देता है। इस दिन लोग आपसी मतभेद भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाते हैं और अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं।

रमजान का महीना गुनाहों से तौबा करने, विशेष नमाज (तरावीह) और कुरान की तिलावत द्वारा अल्लाह के करीब आने का अवसर प्रदान करता है।
ईद-उल-फितर का महत्व और इतिहास
- ईद-उल-फितर रमजान के रोजे के समाप्ति का प्रतीक है।
- यह त्यौहार आपसी प्रेम, भाईचारा और सामाजिक एकता का संदेश देता है।
- पैगंबर हजरत मुहम्मद, 624 ईस्वी में मदीना में ईद-उल-फितर मनाने की शुरुआत की।

इस दिन लोग आपसी मतभेद भूलकर एक-दूसरे को गले लगाते और अल्लाह की रहमत के लिए शुक्रिया अदा करते हैं।
रमजान में गरीबों की मदद, सदक़ा और ज़कात देना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
थाना प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था
थानाध्यक्ष गौरी शंकर बैठा ने बताया कि थाना क्षेत्र में मुसलमान भाइयों द्वारा शांतिपूर्ण ईद का त्यौहार मनाया गया। सभी मस्जिदों पर पुलिस और सुरक्षा बल भ्रमण करते रहे, और कहीं से भी कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

मुख्य तथ्य
- राजापाकर में ईद की नमाज अकीदत के साथ अदा
- मस्जिदों में बड़ी संख्या में जुटे नमाजी
- एक-दूसरे को गले लगाकर दी मुबारकबाद
- रमजान के महत्व पर मौलाना ने डाला प्रकाश
- पुलिस प्रशासन की रही कड़ी निगरानी