संवाददाता : मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चंपारण।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत कमलनाथ अनुमंडलीय अस्पताल, बगहा में विशेष शिविर लगाकर गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई। इस दौरान अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की रक्तचाप, वजन, एचआईवी सहित अन्य आवश्यक जांचें की जाती हैं।

उन्होंने कहा कि मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए राज्य सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है। स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं जागरूकता कार्यक्रमों के सकारात्मक परिणामस्वरूप मातृ मृत्यु दर में लगातार कमी दर्ज की जा रही है।
शिविर में 74 से अधिक गर्भवती महिलाओं की एएनसी (प्रसव पूर्व) जांच की गई। इस दौरान हीमोग्लोबिन, शुगर, वीडीआरएल, एचआईवी, रक्तचाप (बीपी) सहित विभिन्न जांचें की गईं। साथ ही गर्भवती महिलाओं को कैल्शियम एवं आयरन की 180 गोलियां उपलब्ध कराई गईं। इसके अलावा ओआरएस, एंटासिड, एंजाइम तथा बी-कॉम्प्लेक्स सिरप एवं टैबलेट भी वितरित किए गए।

गर्भवती महिलाओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी गई। डॉ. मनीषा कुमारी ने बताया कि क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच के लिए प्रेरित करती हैं। इससे हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) के मामलों की समय पर पहचान कर उचित देखभाल सुनिश्चित की जाती है।
परिवार नियोजन के लाभार्थियों को मिलती है प्रोत्साहन राशि
डॉ. तिवारी ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क प्रसव की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या पर नियंत्रण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए परिवार नियोजन अपनाने हेतु लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में पुरुष नसबंदी कराने पर लाभार्थी को 3,000 रुपये तथा उत्प्रेरक को 400 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। वहीं महिला बंध्याकरण के लिए लाभार्थी को 2,000 रुपये एवं उत्प्रेरक को 300 रुपये दिए जाते हैं। प्रसव उपरांत बंध्याकरण पर लाभार्थी को 3,000 रुपये तथा उत्प्रेरक को 400 रुपये, प्रसव उपरांत कॉपर-टी लगवाने पर लाभार्थी को 300 रुपये एवं उत्प्रेरक को 150 रुपये प्रदान किए जाते हैं। इसी प्रकार गर्भपात उपरांत कॉपर-टी लगवाने और गर्भनिरोधक इंजेक्शन (अंतरा) अपनाने पर भी निर्धारित प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
अस्पताल प्रबंधक शहनाज आलम ने बताया कि प्रत्येक माह की 9 तारीख को मुफ्त एएनसी जांच शिविर का आयोजन किया जाता है, ताकि गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच हो सके और सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा मिले।