संवाददाता : रेनू
हमारा भारत देश बहुत समय से गरीबी रेखा से जूझता आया है और आज भी जूझ रहा है। मेरठ जिले में अभी भी कितने ही लोग गरीबी रेखा से नीचे अपना जीवन बतीत कर रह रहे हैं। जो सड़कों के किनारे झुग्गियों में रहते है। ये वो लोग हैं जिनको रहने के लिए छत तो है ही नही साथ ही दो वक्त की रोटी भी नसीब नही हो रही। ऐसे लोग रोजाना अपना पेट भरने के लिए दर – दर की ठोकरें खाकर अपना गुजर बसर कर रहे हैं।

इन परिवारों में लोग पढ़े लिखे भी नहीं हैं, जिस वजह से इन्हें किसी भी तरह का रोजगार नहीं मिल पाता। ऐसे में ये दिहाड़ी, मजदूरी कर अपनी जिंदगी बसर करते हैं। नही तो पेट भरने के लिए यह लोग भीख तक मागतें है। सरकारें भी ऐसे लोगों को मदद करने के लिए सस्ती आटा दाल स्कीम चलाकर उन्हे तीन वक्त की रोटी देने का प्रयास कर रही है।

बहुत लोग है मेरठ शहर में भी जो इन लौगों की मदद के लिए अपना हाथ बढ़ा चुके है।और इन गरीब बच्चों को शिक्षा के लिए मदद की जाएगी। तांकि हम हमारे भारत देश को गरीब मुक्त कर सके।