Meerut News: In the name of road and pavement, the villagers are getting raw path.
संवाददाता: मनीष गुप्ता
मेरठ जिले में देखा गया की कुछ गांव में आज भी गांव वालो को कच्चे रास्तों पर ही चलना पड़ रहा है। इस कच्चे रास्ते पर गांव के छोटे छोटे बच्चे, बड़े बुजुर्ग आदि लोगो का आना जाना रहता है। छोटे बच्चे तो नंगे पैर ही गांव की गलियों में पूरे दिन खेलते रहते हैं। इसे में इस कच्चे रास्ते की मिट्टी के नीचे कोई भी लोहे की कील, नुकीला ईट पत्थर, कांच आदि जैसी वस्तु इन बच्चो के कोमल पैरो में लग सकती है। जिस कारण इनके पैर जख्मी हो सकते है। इसी प्रकार गांव के बुजुर्ग भी पैरो में ठंडक के लिए मिट्टी में नंगे पैर ही निकल पड़ते हैं। कोई भी नुकीली वस्तु बुजुर्गो के पैर में लग सकती है। और पैर को जख्मी कर सकती है। इस समस्या को लेकर कोन होगा जिम्मेदार। कोन लेगा जिम्मेदारी इस समस्या की। क्या जीवन भर गांव के इसी प्रकार कच्चे रास्ते पर ही चलते रहेंगे। गांव के प्रधान जी को इस समस्या से अवगत करवाते हुए कहा जाता की जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करे। ताकि हमारे गांव के छोटे बच्चे बड़े बुजुर्ग आराम से इन रास्तों पर बिना किसी डर के चहल कदमी कर सके।