कृषि विज्ञान केंद्र हरिहरपुर में कृषि यंत्रीकरण पर प्रशिक्षण, किसानों को जीरो टिलेज तकनीक की दी गई जानकारी

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Bihar News । वैशाली: कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) हरिहरपुर में जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि यंत्रीकरण विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन गांव चकरामदास, प्रखंड वैशाली में वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अनिल कुमार सिंह के दिशानिर्देश में किया गया।

कृषि विज्ञान केंद्र हरिहरपुर में कृषि यंत्रीकरण पर प्रशिक्षण, किसानों को जीरो टिलेज तकनीक की दी गई जानकारी

प्रशिक्षण में किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग, शून्य जुताई तकनीक (Zero Tillage) तथा जलवायु अनुकूल खेती के तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में सहायक निदेशक एग्रोनॉमी इंदू सिन्हा, तान्या सिंह, प्रखंड कृषि पदाधिकारी (पटना मुख्यालय) पियूष कुमार भार्गव, परियोजना समन्वयक डॉ. राजेश रेड्डी (बीसा पूसा), वैज्ञानिक डॉ. जोना दाखो तथा कृषि अभियंत्रण विशेषज्ञ इंजीनियर कुमारी नम्रता ने विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर किसानों को प्रशिक्षित किया।

कृषि विज्ञान केंद्र हरिहरपुर में कृषि यंत्रीकरण पर प्रशिक्षण, किसानों को जीरो टिलेज तकनीक की दी गई जानकारी

इंजीनियर कुमारी नम्रता ने जीरो टिलेज तकनीक से फसलों की बुवाई और उसके लाभों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शून्य जुताई विधि से गेहूं की बुवाई करने पर पानी, श्रम और समय की बचत होती है, जिससे खेती की लागत घटती है और किसानों की आमदनी बढ़ती है।

डॉ. राजेश रेड्डी ने बताया कि जीरो टिलेज से गेहूं की बुवाई 10 से 12 दिन पहले संभव है, जिससे फसल को टर्मिनल हीट स्ट्रेस से बचाया जा सकता है। वहीं डॉ. जोना दाखो ने सब्जी उत्पादन, कीट एवं रोग प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने सक्रिय भागीदारी की। प्रशिक्षण के बाद वैज्ञानिकों और पदाधिकारियों ने गेहूं एवं आलू के प्रदर्शन प्लॉट का भ्रमण भी किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में रामचंद्र झा, कैलाश एवं जलवायु अनुकूल कृषि से जुड़े लाभार्थी किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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