Azamgarh News: घण्टो इंतजार करने के बाद भी नही पहुंची एम्बुलेंस, सामाजिक संगठनों के मदद से हुआ अंतिम संस्कार
संवाददाता नूर मोहम्मद
अतरौलिया। बता दें कि आज़मगढ़ जिले के अतरौलिया स्थित सौ शैय्यायुक्त संयुक्त जिला चिकित्सालय को कोविड-19 एल -2 हॉस्पिटल के रूप में चयनित किया गया है। यहां पर कई कोविड -19 से संक्रमित मरीजो का इलाज चल रहा है। ऐसे में जाहिर सी बात है कुछ लोगो की मौत भी हो जाती होगी। ऐसा ही एक ताजा मामला शनिवार को देखने को मिला। कुछ दिनों से यहां पर भर्ती एक महिला ने शनिवार को दम तोड़ दिया। उसके साथ मे सिर्फ एक 14 साल की बच्ची थी। उस 14 साल लड़की का कहना था कि उसके पिता की मौत पहले ही हो चुकी है और वह यहां पर किराए के मकान में रहती है और उसका यहां पर कोई नही है। अब मामला यह था कि महिला का अंतिम संस्कार कैसे हो। स्थिति को देखते हुए सौ शैय्यायुक्त संयुक्त चिकित्सालय के डॉक्टर अली हसन ने फ़ोन कर सम्बन्धित अधिकारियों से एम्बुलेंस के लिये कहा लेकिन जिले में एम्बुलेंस की व्यवस्था का आलम यह है कि इतने बड़े जिला में कोविड-19 मरीजो के शव ले जाने के लिए सिर्फ एक एम्बुलेंस है। लड़की घंटों इंतजार करती रही लेकिन एंबुलेंस कहीं बाहर होने के कारण वहां पर नहीं पहुंच पाई। अब डॉक्टर साहब ने परेशान होकर सामाजिक संगठनों से मदद मांगी। तत्काल कई सामाजिक संगठन सामने आए और मौके पर अपनी टीम के साथ अतरौलिया अस्पताल पर पहुंच गए। मदद के लिए आगे आए संगठनों में श्री कृष्ण युवा मंच सार्थी सेवा, पहल सेवा आजमगढ़ और इमरजेंसी मेडिकल टीम मौजूद रहे। मदद के लिए आगे आए लोगों ने तत्काल अपनी तरफ से एक गाड़ी की व्यवस्था की और शव को राजघाट ले जाकर अंतिम संस्कार किया। वही छोटी बच्ची की मदद के लिए कई लोग आगे आए और आर्थिक सहयोग किये।