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Etawah News: श्रीकृष्ण-रुक्मणी विवाह देख झूमे उठे श्रद्धालु

आशीष कुमार

इटावा।जसवन्तनगर बलरई क्षेत्र के नगला तौर गाँव में स्थित ठाकुरजी मन्दिर पर भागवत कथा का आयोजन ठाकुर जी मन्दिर पर ग्रामीणों द्वारा किया जा रहा है। भागवत कथा में भागवताचार्य पंडित मनीष कृष्ण शास्त्री गोकुल धाम वृन्दावन ने महारास लीला श्री उद्धव चरित्र श्री कृष्ण मथुरा गमन और श्री रुक्मणी विवाह महोत्सव प्रसंग पर विस्तार से प्रस्तुतीकरण किया। इस मौके पर भगवान श्रीकृष्ण रुकमणी के विवाह की झांकी ने सभी को खूब आनंदित किया। भागवत कथा के दौरान कृष्ण बने छोटू और रुकमणी बनी अनुष्का के कृष्ण रुक्मणी प्रसंग पर मंचन को देखकर सहसा लोग कह उठे अद्भुत…। पांडाल में मौजूद महिलाएं बच्चे यहां तक बुजुर्ग झूम उठे। इस दौरान पुष्प वर्षा भी होती रही।

भागवत कथा के सातवें दिन कथा स्थल पर रूकमणी विवाह के आयोजन ने श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। विवाह पर जमकर फूलों की बरसात हुई। कथावाचक पंडित मनीष शास्त्री ने भागवत कथा के महत्व को बताते हुए कहा कि जो भक्त प्रेमी कृष्ण रुक्मणी के विवाह उत्सव में शामिल होते हैं उनकी वैवाहिक समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है। कथा वाचक पंडित मनीष शास्त्री मथुरा ने कहा कि जीव परमात्मा का अंश है इसलिए जीव के अंदर अपारशक्ति रहती है यदि कोई कमी रहती है वह मात्र संकल्प की होती है संकल्प व कपट रहित होने से प्रभु उसे निश्चित रूप से पूरा करेंगे।
विवाह महोत्सव प्रसंग पर व्याख्यान करते हुए उन्होंने कहा कि रुकमणी के भाई रुकमि ने उनका विवाह शिशुपाल के साथ सुनिश्चित किया था लेकिन रुक्मणी ने संकल्प लिया था कि वह शिशुपाल को नहीं बल्कि सत्यमार्गी भगवान द्वारकाधीश को पति के रूप में वरण करेगी। भगवान श्री द्वारकाधीश ने रुक्मणी के सत्य संकल्प को पूर्ण किया और उन्हें पत्नी के रूप में वरण करके प्रधान पटरानी बनाया।