Etawah News: Maulana Mo.Kamaluddin Ashrafi said on the month of Ramadan during the Kovid-19 era, stay in homes and offer namaz
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Etawah News:  कोविड-19 के दौर में रमजान माह को लेकर मौलाना मो.कमालुद्दीन अशरफी ने कहा, घरों में रहकर नमाज अदा करें

आशीष कुमार

इटावा: जसवंतनगर कोविड-19 के दौर में रमजान माह को लेकर मौलाना मो.कमालुद्दीन अशरफी ने कहा, घरों में रहकर नमाजे पढ़ो और रोजे रखो, कोरोना जैसी बीमारी को खत्म करने पर ही हम सभी ईद मनाएगे। कोरोना वायरस संक्रमण और नाइट कर्फ्यू को देखते हुए मस्जिदों में पाँच वक्त की नमाजे में पांच लोग पढ़ रहे है। इसी तरह रमजानो में पढ़ी जाने वाली तरावीह की विशेष नमाज भी मस्जिदों में सभी के लिए नही सिर्फ 5 नमाजी ही कोविड19 की गाइडलाइंस के मुताबिक हो रही है। यह नमाज  भी घरों में ही अदा करें, पाक महीना रमजान को सादगी से ही मनाए। उन्होंने कहा कि सादगी का मतलब यह है कि रमजान के दौरान वे कोई ऐसा काम न करें जिससे कि अहंकार या धूमधाम का अहसास हो।

वहीं कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर चलते लॉकडाउन और कर्फ्यू की स्थिति बन गई है। इस खातिर नमाजी व रोजेदार रमजान के दौरान इस महामारी से मुल्क व आवाम की हिफाजत के लिए अल्लाह से खास दुआ करें। मास्क अवश्य लगाइस, कोरोना गाइडलाइंस व सोशल डिस्टेंसिग का सही तरीके से पालन करने व अपने-अपने घरों में ही इबादत करने को कहा है। मौलाना ने कहा है कि आज भारत मुल्क में कोरोना वायरस के कहर से निजात को नाइट कर्फ्यू है। हमारे मुल्क में भी गवर्नमेंट की तरफ से हुक्म है घरों से बाहर न निकलें। यह दूसरी बार का कोरोना वायरस बहुत ही ख़तरनाक वायरस है। इसका बेहतर इलाज भी यही है कि हम सब अपने घरों में रहें।

शासन प्रशासन का सहयोग करे। मौलाना ने कहा कि मुसलमान रमजान माह में कसरत से रोजे रखें व रमजान में खासकर इफ्तार के वक्त कोरोना के खतरनाक कहर से मुक्ति के लिए खास दुआएं करें ओर जो लोग हर साल मस्जिद में गरीबों के लिए इफ्तारी का आयोजन करते थे, वे इसे इस साल भी करें, लेकिन उस खाने को मस्जिद भेजने के बजाय जरूरतमंदों कुछ रकम या फिर उसके राशन को गरीबों में बांट दें. साथ ही कहा कि रोजेदार इस बात को सुनिश्चित करें कि रमजान के मुबारक महीने में कोई भी इंसान भूखा ना रहे। रमजान का मुबारक महीने में नाइट कर्फ्यू का भरपूर एहतराम करें। ऐसे में लोग तरावीह की नमाज के लिए भी मस्जिद नहीं पहुंचे। घर में ही नमाज अदा करें।