संवाददाता: आशीष कुमार
इटावा : दो पत्रकारों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जाने का मामला सामने आने के बाद जिले में हलचल मच गई है। इस पूरे प्रकरण में धर्मवीर प्रजापति ने संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
जानकारी के अनुसार, स्थानीय पत्रकारों का आरोप है कि समाजवादी पार्टी के सांसद जितेंद्र दोहरे से जुड़े विवाद के बाद उनके खिलाफ थाना फ्रेंड्स कॉलोनी और थाना सैफई में मुकदमे दर्ज कराए गए। पत्रकारों का दावा है कि उन्होंने सांसद को एक मंदिर में किए गए कथित वादे—हाई मास्ट लाइट और वाटर फ्रीजर लगवाने—की याद दिलाई थी, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।
पत्रकारों का यह भी आरोप है कि सोशल मीडिया पर खबर प्रकाशित होने के बाद उन्हें कथित तौर पर धमकियां दी गईं और बाद में पुलिस पर दबाव बनाकर उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज कराए गए। एक पत्रकार को थाने बुलाकर हिरासत में लेने की बात भी सामने आई है, हालांकि पुलिस की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मामले की जानकारी मिलने पर इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया से जुड़े कई पत्रकार थाना फ्रेंड्स कॉलोनी पहुंचे और विरोध जताया। इस दौरान नारेबाजी भी की गई। बाद में संबंधित पत्रकार का शांति भंग की धारा में चालान किए जाने की बात कही जा रही है।
उधर, पीड़ित पत्रकारों ने अपनी शिकायत प्रदेश सरकार के मंत्री धर्मवीर प्रजापति के समक्ष रखी। मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी पत्रकार का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
फिलहाल, इस घटना को लेकर जिले के पत्रकारों में आक्रोश है और उन्होंने निष्पक्ष जांच न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। अब सभी की नजरें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।